मामले की अगली सुनवाई अब 26 अक्टूबर को होगी। सर्वोच्च न्यायालय ने 8 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के आरोपियों को गिरफ्तार ना करने के कदम पर सवाल उठाए थे और साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्देश दिया था। 

नई दिल्ली : लखीमपुर खीरी हिंसा (lakhimpur kheri case) मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई। साथ ही कोर्ट ने अगले हफ्ते तक अदालत में जांच संबंधी स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश जारी किया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने में देरी पर यूपी सरकार को फटकार लगाई है। CJI एनवी रमन्ना ने कहा, हम रात एक बजे तक इंतजार करते रहे। आपकी स्टेटस रिपोर्ट हमें अभी मिली है। जबकि पिछली सुनवाई के दौरान हमने आपको साफ कहा था कि कम से कम एक दिन पहले हमें स्टेटस रिपोर्ट मिल जाए।

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पुलिस कस्टडी में 4 आरोपी ही क्यों?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, लखीमपुर खीरी घटना की जांच से यूपी सरकार अपने पैर खींच रही है। कोर्ट ने पूछा कि आपने कहा कि 4 गवाहों के बयान लिए। बाकी गवाहों के क्यों नहीं लिए? सिर्फ 4 आरोपी पुलिस हिरासत में जबकि अन्य न्यायिक हिरासत में क्यों हैं? क्या उनसे पूछताछ की जरूरत नहीं है? कोर्ट ने मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर तक टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाहों और पीड़ितों के 164 के तहत बयान जल्द से जल्द दर्ज कराए जाएं. साथ ही गवाहों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए।

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इससे पहले 8 अक्टूबर को हुई थी सुनवाई
अदालत ने आठ अक्टूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के आरोपियों को गिरफ्तार ना करने के कदम पर सवाल उठाए थे और साक्ष्यों को संरक्षित रखने का निर्देश दिया था। पीठ ने कहा था कि कानून सभी आरोपियों के खिलाफ समान रूप से लागू होना चाहिए और आठ लोगों की बर्बर हत्या की जांच में विश्वास जगाने के लिए सरकार को इस संबंध में सभी उपचारात्मक कदम उठाने होंगे। राज्य सरकार की ओर से वकील ने आठ अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया था कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

क्या-क्या सबूत मिले
उधर, यूपी सरकार की ओर से पेश हरीश साल्वे ने कहा, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ हो चुकी है। 70 से ज्यादा वीडियो मिले हैं। इनकी जांच हो रही है। इनमें भी सबूत मिले हैं। उन्होंने बताया कि क्राइम सीन रिक्रिएट भी किया गया भी हो चुका है। पीड़ितों और गवाहों के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। दशहरे की छुट्टी में कोर्ट बंद होने पर बयान दर्ज नहीं हो सकें हैं।

क्या है मामला
3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को SUV से कुचल दिया गया था। इस घटना और उसके बाद हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले में मुख्य आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र का बेटा आशीष है। आशीष को कुछ दिन पहले ही SIT ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। बुधवार को कोर्ट ने आशीष समेत अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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