देहरादून में एक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम में एक नशेड़ी चालक ने पुलिस को सूचना दी कि कुछ युवक एक युवती को बैठाकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर पकड़ना शुरू किया लेकिन बाद में पता चला कि सूचना गलत थी।

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में एक नशेड़ी चालक ने पुलिस को चकमा दिया। शराब के नशे में मालिक की बोलेरो लेकर निकले चालक ने बुधवार की रात पुलिस को खूब छकाया। कंट्रोल रूम के मैसेज पर पुलिस ने चुस्त रहने का दावा तो किया लेकिन इस चुस्ती पर शराबी चालक की मस्ती हावी रही। इसको पकड़ने के लिए चौक-चौराहों हर जगह नाकाबंदी रही। लेकिन तीन घंटे तक पुलिस उसे न तो गलियों में और न ही सड़कों पर पकड़ पाई। यानी की उसकी मस्ती इतनी भारी पड़ी कि पुलिस को हर जगह चकमा मिला।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पुलिस ने किया चालान
अंत में जब वह खुद ही मालिक के घर पहुंचा और बोलेरो खड़ी कर दी तब गुरुवार को आरोपी चालक को पकड़कर उसका पुलिस एक्ट में चालान कर दिया गया। दरअसल बुधवार की रात करीब दस बजे नेशविला रोड इलाके के एक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि एक बोलेरो में कुछ युवक एक युवती को बैठाकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी करवाई। शहर के घंटाघर, प्रिंस चौक, सहारनपुर चौक आदि चौराहों पर बैरिकेडिंग कर दी गई, लेकिन चालक भी चालाक था।

दो घंटे तक दिया चकमा
नशेड़ी चालक गलियों के रास्ते पहले कैंट क्षेत्र की सड़कों पर पहुंचा। उसको कई लोगों ने देखा मगर पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। इसके बाद वह गलियों और सैकड़ों से होते हुए प्रिंस चौक से गुजरा। पुलिस ने हर जगह नाकेबंदी करवा रखी थी लेकिन उसके बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। इसी बीच एक अफवाह और फैली कि उसने कुछ पुलिसकर्मियों को घायल करने की कोशिश की मगर पुलिस ने इससे मना कर दिया है। वहां से भी चालक तेजी के साथ निकल गया। अब तक करीब दो घंटे से अधिक का समय हो चुका था।

गाड़ी का मालिक है एक फौजी
इस बीच पुलिस गाड़ी नंबर के आधार पर मालिक तक पहुंच चुकी थी। मालिक एक फौजी है और आईएसबीटी के पास उसका घर है। पुलिस को पता चला कि गाड़ी घर पहुंच गई है। लेकिन चालक पुलिस के हाथ नहीं लग सका। पुलिस की तलाश अभी भी जारी थी। उसके बाद गुरुवार को पुलिस चालक तक पहुंच गई। इंस्पेक्टर कोतवाली विद्याभूषण नेगी ने बताया कि चालक का मेडिकल कराकर पुलिस एक्ट में चालान कर दिया गया है। जिसके बाद पता चला कि शराब के नशे में चालक था और डर की वजह से भाग रहा था। साथ ही युवती के कार में बैठने की बात गलत निकली। 

उत्तराखंड सरकार के हाथ से गया रानीबाग-नैनीताल रोपवे प्रोजेक्ट, अब NHAI कराएगी निर्माण

उत्तराखंड में छात्रों ने फिर से दलित रसोइया का खाना खाने से किया इंकार, जानें पूरा मामला