ज्ञानवापी मामले को लेकर कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। सुनवाई पूरी होने के साथ ही फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। फैसला मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद आएगा। 

वाराणसी: ज्ञानवापी मामले को लेकर जिला जज कोर्ट में बहस पूरी हो गई है। बहस पूरी होने के साथ ही जज ने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। इसकी के साथ फैसले के लिए कल 24 मई की तिथि निर्धारित हुई है। फैसला दोपहर 2 बजे आए। आगे किस तरह से सुनवाई होगी और इसकी रूपरेखा क्या होगी इसको लेकर भी कल ही जानकारी दी जाएगी। 

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1936 के केस का दिया गया हवाला
कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से दलीले दी गई। मुस्लिम पक्ष की ओर से अभय नाथ यादव ने दीन मोहम्मद के 1936 के केस का हवाला दिया। इसी के साथ कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद में लंबे समय से नमाज पढ़ी जा रही है इसलिए वह मस्जिद है। 

अजय मिश्रा को जाने से रोका गया
इस बीच वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होने के दौरान पूर्व कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को कोर्ट में जाने से रोका गया। दरअसल कोर्ट में सीमित लोग ही थे। फिलाहल वहां 23 लोगों को ही कोर्ट रूप में जाने की इजाजत थी। इस लिस्ट में अझय मिश्रा का नाम नहीं था। जिसके चलते उन्हें कोर्ट रूप में जाने से रोका था। कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से सीनियर वकील मदन बहादुर पेश हुए। उनके साथ एडवोकेट हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन भी मौजूद रहे। जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से एडवोकेट रईस अहमद और सी अभय यादव ने पक्ष रखा। 

इन महिलाओं ने दायर किया था वाद 

बीते 18 अगस्त 2021 को नई दिल्ली निवासिनी राखी सिंह एवं बनारस की चार महिलाओं लक्ष्मी देवी, रेखा पाठक, मंजू व्यास और सीता साहू ने ज्ञानवापी परिसर स्थित मां शृंगार गौरी की प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने एवं परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं की विग्रहों को सुरक्षित रखने की मांग करते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में वाद दायर किया था। वादी पक्ष की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मौके की वस्तुस्थिति जानने के लिए वकील कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया।

ज्ञानवापी मामले फैसले पर टिकी सबकी निगाहें

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