लखनऊ (Uttar Pradesh) । रात में प्रेमिका से मिलने के प्रयास करने की कीमत प्रेमी को जान देकर चुकानी पड़ी। दरअसल प्लान के तहत चोरी से रात में मिलने पहुंचे प्रेमी को प्रेमिका के भाई और पिता ने देख लिया। जिसके बाद क्रिकेट बैट और लोहे की फुंकनी से पीट-पीटकर मार डाला। इतना ही नहीं प्रेमी को उसके दरवाजे पर चोरी से फेंककर चले गए। वहीं, जांच में जुटी पुलिस के हाथ एक बिना सिम कार्ड की मोबाइल लगी, जिसके सहारे पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह मामला इटौंजा के बेलवा गांव का है। 

यह है पूरा मामला
इटौंजा के बेलवा गांव में रिटायर्ड इनकम टैक्स विभाग के कर्मचारी राज किशोर वर्मा का बेटा आशीष (22) गांव की ही एक लड़की से प्यार करता था। लॉक डाउन के चलते दोनों घर से दूर नहीं जा पाते थे। जिसे लेकर वे परेशान रहते थे। प्लान के तहत शनिवार की रात एक बजे आशीष अपनी प्रेमिका से मिलने गया घर से निकला। 

ऐसे परिवार को हुई जानकारी
आशीष के घरवालों को उसके जाने की भनक भी नहीं लगी। उधर प्रेमिका के पिता खुशीराम और भाई संजीत ने आशीष को देख लिया। दोनों ने आशीष को पकड़कर घर ले गए। जहां क्रिकेट बैट और लोहे की फुंकनी से आशीष की जमकर पिटाई कीय़ पिटाई करने के बाद बुरी तरह से लहूलुहान आशीष को उसके घर के बाहर छोड़कर पिता-पुत्र वापस आ गए। वहीं, भोर में करीब 4 बजे घरवालों ने दरवाज़े पर आशीष के कराहने की आवाज सुनी, जिसके बाद दरवाजा खोला चौक गए। परिजन उसे पास के अस्पताल में ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

ऐसे खुला राज
जानकारी होने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। पुलिस को मौके से बगैर सिम कार्ड का मोबाइल मिला। सीओ बीकेटी हृदयेश कठेरिया ने बताया कि पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ शुरू की। इस दौरान पता चला कि गांव के खुशीराम की बेटी के आशीष के प्रेम संबंध थे, जबकि लड़की का भाई संजीत उसका दोस्त है। जिसके बाद पुलिस ने पिता-पुत्र को रिमांड पर ले लिया। कड़ाई से पूछताछ की तो दोनों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए हत्या की पूरी कहानी सामने ला दी। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल क्रिकेट का बैट और फुंकनी भी बरामद कर ली है और आरोपियों को जेल भेज दिया है।