इजराइल के पुरातत्वविदों ने दावा किया है कि उन्होंने उस जगह को ढूंढ लिया है, जहां क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद यीशु मशीह दुबारा जी उठे थे। 

इजराइल: बाइबिल में यीशु मसीह की जिंदगी से जुड़ी हर बात लिखी है। ईसाई धर्म के लोग इसकी एक-एक बता पर यकीन करते हैं। बाइबिल के मुताबिक, जब यीशु को क्रूस पर चढ़ा दिया गया था, उसके बाद वो जिंदा हो गए थे और अपने दो फॉलोवर्स के साथ इम्मौस शहर में गए थे। अब इजराइल के पुरातत्वविदों ने इम्मौस शहर को ढूंढने का दावा किया है। 

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22 सौ साल पुराना है शहर 
येरूसलेम के पास अबू घोष गांव में एक किले के रूप में स्थित इस जगह का पता पुरातत्वविदों ने लगाया है। इस किले के अगल-बगल बड़ी-बड़ी दीवारें हैं। जिन लोगों ने इसे ढूंढा है उनमें टेल अवीव यूनिवर्सिटीयू के प्रोफेसर इस्रएल फिंकेल्स्टीन शामिल हैं। उनके साथ कॉलेज दी फ्रांस के प्रोफेसर्स थॉमस रोमेर और क्रिस्टोफे निकोल शामिल हैं। इनके मुताबिक, किले के आसपास का पूरा गांव ही इम्मौस शहर था। 

बाइबिल के हिसाब से मिलता है ये शहर 
बाइबिल के मुताबिक, इम्मौस में ही क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद दुबारा जिंदा होकर यीशु मसीह पहुंचे थे। बाइबिल में लिखा है कि वो जगह येरूसलेम से 7 मील दूर थी और वहां किला था। इस हिसाब से जिस जगह की खोज पुरातत्वविदों ने की है, वही इम्मौस है। 

शुरू हुई बहस 
हालांकि, इस दावे के बाद कुछ और लोग भी सामने आए, जिन्होंने इससे सहमति नहीं जताई। कुछ का मानना है कि इसी लोकेशन से कुछ दुरी पर दो ऐसी जगहें हैं, जो इम्मौस हो सकता है। हालांकि, इन प्रोफेसर्स की ये स्टडी जल्द ही एक जर्नल के रूप में प्रकाशित होने वाली है। इस जर्नल का नाम न्यू स्टडीज इन द आर्कियोलॉजी ऑफ़ येरूसलेम एंड इतस रीजन के नाम से प्रकाशित होगी।