कोरोना वायरस यूरोप के सभी देशों में कहर बरपा रहा है। इटली के बाद स्पेन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। स्पेन में इसके अब तक 117,710 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं 10,935 मौतें हो चुकी हैं। स्पेन में इससे सुरक्षा के लिए लोगों को घरों में रहने को कहा गया है और सरकार बचाव के लिए हर संभव उपाय कर रही है। इसी बीच, स्पेन के उत्तरी-पश्चिमी इलाके में स्थित वैलाडोलिड में एक पूरी की पूरी फैमिली के ही कोरोना से पीड़ित होने का मामला सामने आया है। 

हटके डेस्क। कोरोना वायरस यूरोप के सभी देशों में कहर बरपा रहा है। इटली के बाद स्पेन इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। स्पेन में इसके अब तक 117,710 मामले सामने आ चुके हैं, वहीं 10,935 मौतें हो चुकी हैं। स्पेन में इससे सुरक्षा के लिए लोगों को घरों में रहने को कहा गया है और सरकार बचाव के लिए हर संभव उपाय कर रही है। इसी बीच, स्पेन के उत्तरी-पश्चिमी इलाके में स्थित वैलाडोलिड में एक पूरी की पूरी फैमिली के ही कोरोना से पीड़ित होने का मामला सामने आया है। दरअसल, सबसे पहले 11 बच्चों के पिता जोसे मारिया सेब्रिएन को कोरोना पॉजिटव पाया गया।

सभी बच्चे हुए संक्रमित
पिता के बाद बच्चों की मां इकेने ग्रीवास भी कोरोना से संक्रमित हो गई। फिर एक के बाद एक सभी 11 बच्चे भी कोरोना से संक्रमित होने लगे। बच्चों के पिता जोसे मारिया ने लोकल मीडिया को बताया कि बच्चों में एक के बाद कोरोना के लक्षण सामने आने लगे। किसी में ज्यादा तो किसी में कम, लेकिन जांच में सभी पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद डॉक्टरों ने पूरे परिवार को लॉकडाउन में रख दिया है और उन पर काफी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि कहीं वे दूसरे लोगों को संक्रमित नहीं कर दें। 11 बच्चों में सबसे बड़ा 15 साल का है, वहीं सबसे छोटे बच्चे की उम्र एक साल है। स्पेन ही नहीं, पूरे यूरोप में यह अपनी तरह का अनोखा मामला माना जा रहा है।

क्या कहा बच्चों के पिता ने
बच्चों के पिता जोसे मारिया का कहना है कि सबसे पहले एक बच्चे को वोमिंटिग की शिकायत हुई। डॉक्टर ने उसकी जांच करने के बाद कहा कि उसे कोरोना वायरस का संक्रमण हो चुका है। उसने उसे सबसे अलग-थलग रखने को कहा और दवाइयां दे दीं। लेकिन घर आने के बाद दूसरे बच्चों की भी एक के बाद एक तबीयत बिगड़ने लगी। सबकी जांच की गई। सबों को कोरोना संक्रमण का शिकार पाया गया। इसके बाद डॉक्टर ने स्थानीय अधिकारियों को इसके बारे में सूचना दी।

अधिकारियों ने सबों को आइसेलेशन में भेजा
पूरी फैेमिली के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अधिकारियों और डॉक्टरों ने सख्ती बरतते हुए उन्हें आइसोलेशन में रहने को कहा। डॉक्टरों ने कहा कि जब वे खुद कोरोना पॉजिटिव थे, फिर अलग-थलग क्यों नहीं रह रहे थे। उनकी नामसमझी के कारण पूरी फैमिली कोरोना की शिकार हो गई। अब उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूरा परिवार 15 मार्च से ही लॉकडाउन में है। डॉक्टर समय-समय पर उनके हेल्थ की जांच कर जरूरी दवाइयां दे रहे हैं। 

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