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घरों में ताला लगा शहर छोड़ भाग गए लोग, अंदर मर रहे पालतू जानवर, 300 को इस हाल में निकाला गया

पूरी दुनिया में दहशत फैला देने वाले कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत चीन के वुहान शहर में हुई। जब वायरस फैलने लगा तो काफी संख्या में लोग शहर छोड़ कर चले गए, लेकिन उन्होंने अपने पालतू जानवरों को घर में ही छोड़ दिया। 

Locked homes, people fled from the city, pets dying inside, 300 were evacuated MJA
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China, First Published Feb 4, 2020, 4:47 PM IST
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हटके डेस्क। पूरी दुनिया में दहशत फैला देने वाले कोरोना वायरस के फैलने की शुरुआत चीन के वुहान शहर में हुई। जब वायरस फैलने लगा तो काफी संख्या में लोग शहर छोड़ कर चले गए, लेकिन उन्होंने अपने पालतू जानवरों को घर में ही छोड़ दिया। अब चीन की सरकार ने वायरस को और भी फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। लॉकडाउन 23 जनवरी से लागू किया गया है। इससे अब बाहर से लोगों के वुहान आने और यहां से बाहर जाने पर रोक लग गई है। इससे काफी लोग प्रभावित हुए हैं। लेकिन ऐसे लोगों की संख्या कम नहीं है, जो इससे पहले ही शहर छोड़कर चले गए और अपने पालतू पशुओं को घरों में बेसहारा छोड़ दिया। इससे जानवरों की हालत खराब होने लगी। 

एनिमल प्रोटेक्शन ग्रुप ले ली जिम्मेदारी
पालतू जानवरों को बेसहारा और घरों में भूखे-प्यासे बंद होने की जानकारी मिलने पर एनिमल प्रोटेक्शन ग्रुप ने उनका रेस्क्यू करने की जिम्मेदारी ली। इस ग्रुप के वॉलन्टियर्स ने 26 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक नोटिस जारी कर वुहान के निवासियों से कहा कि वे अपने पालतू जानवरों को देख-रेख के लिए इस ऑर्गनाइजेशन को दे दें और इसके लिए सीधा ग्रुप से संपर्क करें।

ताला तुड़वाने के लिए निर्धारित की मामूली फीस
एनिमल प्रोटेक्शन ग्रुप ने बंद घरों के ताले तुड़वाने के लिए, जिनके अंदर जानवर मरने की हालत में पहुंचते जा रहे थे, मामूली फीस निर्धारित की। जाहिर है, इसके लिए उन्हें ताला-चाबी बनाने वालों की सेवा लेनी पड़ती और उन्हें पैसे देने पड़ते। इसके लिए पालतू पशुओं के मालिक तुरंत तैयार हो गए। वे भी चाहते थे कि किसी तरह उनके जानवरों की जान बच जाए। उन्होंने बहुत अफरा-तफरी की हालत में अपने घर छोड़े थे। 

वीडियो कॉल के जरिए दिखाया जानवरों का हाल
एनिमल प्रोटेक्शन ग्रुप के वॉलन्टियर्स ने जानवरों के मालिकों को उनकी हालत वीडियो कॉल के जरिए दिखाई। ज्यादातर जानवर भूख से बेहाल थे और चलने-फिरने से भी लाचार हो गए थे। वॉलन्टियर्स ने उन जानवरों के खाने का इंतजाम खुद ग्रुप के खर्चे पर किया। उन्होंने वुहान के तीन इलाकों में बंद घरों के ताले तुड़वा कर 300 जानवरों का रेस्क्यू किया। उनकी योजना है कि वुहान के 400 और भी घरों में जाकर जानवरों को वहां से निकाला जाएगा और उनकी सही तरीके से देखभाल की जाएगी। ग्रुप के वॉलन्टियर रोज 40 से 50 बंद घरों के ताले तुड़वा कर जानवरों को सुरक्षित निकाल रहे हैं। 

बंद घरों में सड़ जातीं कुत्ते-बिल्लियों की लाशें
वुहान स्मॉल एनिमल प्रोटेक्शन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डु फान का कहना है कि अगर इन पालतू कुत्ते-बिल्लियों को बंद घरों से नहीं निकाला जाता तो जब तक उनके मालिक वापस आते, उनकी लाशें सड़ जातीं। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि लॉकडाउन कब तक चलेगा। ऐसे में, एनिमल प्रोटेक्शन ग्रुप के वॉलन्टियर्स के इस काम की लोग जम कर प्रशंसा कर रहे हैं, जिन्होंने सैकड़ों बेजुबान जानवरों की जान बचाई और अभी भी इस काम में लगे हुए हैं।       

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