ईसाई समुदाय के लिए यीशु मसीह का जन्म काफी महत्वपूर्ण है। इसे क्रिसमस के तौर पर मनाया जाता है। आपने चर्च और कई जगह प्रभु यीशु मसीह की मूर्ति देखी होगी। लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि बीबीसी द्वारा किये गए रिसर्च के हिसाब से कैसे दिखते थे प्रभु?

हटके डेस्क: अक्सर चित्रों में यीशु मसीह को एक सुंदर गोरा व्यक्ति बताया जाता है, लेकिन क्या यह सच है? 2001 में प्रकाशित बीबीसी की एक रिपोर्ट Looking for the historical Jesus के अनुसार अपनी सालों की रिसर्च और कड़ी मेहनत के बाद फॉरेंसिक साइंटिस्ट रिचर्ड नैवे ने यीशु मसीह के चेहरे का मॉडल दुनिया के सामने पेश किया। यीशु के चेहरे का यह मॉडल वर्तमान में देखे जाने वाले चित्रों से एकदम अलग था।

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सालों के रिसर्च का नतीजा

रिचर्ड ने इसराइली अर्चिओलॉजिकल साइट्स पर मिली 3 खोपड़ियों पर रिसर्च कर उन सारे पैमानों के साथ मिलाकर देखा, जो यीशु की शक्ल के बारे में लिखे गए थे।नैवे ने जीसस को एक मिडल ईस्ट के ट्रेडिशनल यहूदी की तरह दिखाया। उनका फेस उत्तरी इसराइल के गेलिली शहर के लोगों से मिलता-जुलता बताया गया।

बिल्कुल अलग था लुक

एक्सपर्ट की रिसर्च टीम ने कई प्रसिद्ध लोगों जैसे मैसेडोनिया के फिलीप सेकंड, फादर ऑफ एलेक्जेंडर द ग्रेट और फ्रिजिया के किंग मिडास के चेहरे को जोड़कर नया चेहरा बनाया। उन्होंने एक इसराइली आर्कियोलॉजिस्ट से यहूदी स्कल (खोपड़ी) लिया और स्कल की एक्स-रे स्लाइस क्रिएट की। फिर कम्प्यूटर की मदद से उसमें मसल्स, स्किन जोड़े गए। टीम ने उसमें दाढ़ी बढ़ाई और सिर के बाल छोटे रखे। ये घुंघराले बाल थे। दरअसल, ट्रेडिशनल यहूदी हुलिया इसी प्रकार का होता है।

5 फीट से थोड़े लंबे थे यीशु

 टीम का मानना है कि जीसस की लंबाई 5 फीट के ऊपर रही होगी। जीसस के इस नए फेस के अनुसार उनका चेहरा बड़ा, काली आंखें, छोटे घुंघराले काले बाल और एक जंगली दाढ़ी के साथ चेहरे का रंग गहरा गेहूंआ। हालांकि एक्सपर्ट यह दावा नहीं करते हैं कि यहीं यीशु मसीह का चेहरा होगा लेकिन यह उनके चेहरे से सबसे करीबी चेहरा जरूर हो सकता है।