कोरोना वायरस फैलने और उसकी वजह से लॉकडाउन या एमसीओ लगाए जाने के कारण लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मलेशिया के कांपुंग कासुआपान की एक प्रेग्नेंट महिला को हॉस्पिटल जाने के लिए कोई गाड़ी नहीं मिल सकी और बीच सड़क पर ही उसकी डिलिवरी हुई। 

हटके डेस्क। कोरोना वायरस फैलने और उसकी वजह से लॉकडाउन या एमसीओ लगाए जाने के कारण लोगों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मलेशिया के कांपुंग कासुआपान की एक प्रेग्नेंट महिला को हॉस्पिटल जाने के लिए कोई गाड़ी नहीं मिल सकी और बीच सड़क पर ही उसकी डिलिवरी हो गई। लेकिन समय पर पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी देख-रेख की जा रही है।

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हॉस्पिटल जाने के लिए गाड़ी नहीं मिली
जब महिला को लेबर पेन शुरू हुआ तो उसका हसबैंड मछली मारने के लिए गया हुआ था। यह 15 अप्रैल की बात है। पाहमाह नासतिह नाम की 38 साल की यह महिला अपने ब्रदर इन लॉ और उसकी वाइफ के साथ हॉस्पिटल जाने के लिए निकली, लेकिन मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर लागू होने की वजह से उन्हें कोई गाड़ी नहीं मिल सकी। सड़क सुनसान थी और कहीं कोई नजर नहीं आ रहा था। इसी बीच, महिला को तेज दर्द होने लगा। 

सड़क पर ही दिया बच्चे को जन्म
महिला दर्द के कारण चलने से लाचार हो गई। उसके साथ के लोग भी परेशान हो गए। उसे सबाह वीमेन एंड चिल्ड्रन हॉस्पिटल में जाना था। लेकिन दर्द से बेहाल महिला ने वहीं सड़क पर ही बच्ची को जन्म दे दिया। इसी बीच, संयोग से पुलिस पैट्रोलिंग करती हुई वहां आ गई। उनमें एक महिला पुलिस स्टाफ भी थी। पुलिस ने एम्बुलेंस को बुला कर महिला और नवजात को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाने की व्यवस्था की। 

क्या कहा असिस्टेंट कमिश्नर ने
इस बात की जानकारी मिलने पर कोटा किनाबालू के डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ और असिस्टेंट कमिश्नर हबीबी माजिन्जी ने कहा कि एमसीओ को दौरान लोगों की देख-रेख की जिम्मेदारी पूरी तरह पुलिस की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेकर बेहतर काम किया है। पुलिस ने इमरजेंसी की हालत में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई और महिला को अस्पताल में भर्ती करवाया। असिस्टेंट कमिश्नर ने कहा कि महिला और उसके बच्चे को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाया गया। महिला और उसकी बच्ची का सबाह वीमेन एंड चिल्ड्रन हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।