दुबई में आयोजित सीओपी28 मीटिंग के दौरान गरीब देशों के लिए लॉस एंड डैमेज फंड को मंजूरी दे दी गई। जलवायु कार्रवाई को लेकर हो रही इस मीटिंग में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। 

COP28 Meeting. जलवायु कार्रवाई को लेकर दुनिया के दिग्गज नेता फिर एक बार एक मंच पर पहुंचे। दुबई में आयोजित सीओपी28 ने गरीब देशों के लिए लॉस एंड डैमेज फंड मंजूर कर लिया है। काफी लंबे समय से इस फंड की डिमांड हो रही थी। यह फंड जलवायु परिवर्तन की वजह से गरीब देशों में होने वाले नुकसान की भरपाई करेगा।

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यूएई देगा 100 मिलियन डॉलर

शुरूआती दौर में करीब 475 मिलिय डॉलर के फंड की व्यवस्था की गई है। यूएई ने 100 मिलियन डॉलर, यूरोपिय यूनियन ने 275 मिलियन डॉलर, अमेरिका ने 17.5 मिलियन डॉलर और जापान ने 10 मिलियन डॉलर की पेशकश की है। यह फंड गरीब देशों में प्राकृतिक आपदा या जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान के दौरान मदद के लिए जारी किया जाएगा।

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क्या होता है लॉस एंड डैमेज फंड

लॉस एंड डैमेज का मतलब है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से गरीब देशों को जो नुकसान होगा, अमीर देश उसकी भरपाई करेंगे। क्लाइमेट चेंज की वजह से समुद्र के जलस्तर में बढ़ोतरी, अचानक बाढ़ आना, सूखा पड़ना और साइक्लोन जैसी प्राकृतिक समस्याएं आती हैं। इससे गरीब देशों में भारी नुकसान होता है। यह फंड इसीलिए बनाया गया है। इसकी सबसे पहली घोषणा इजिप्ट के शर्म अल शेघ में सीओपी27 मीटिंग के दौरान की गई थी।

कितना बड़ा है यह फंड- कैसे होगा उपयोग

इस फंड का शुरूआत में वर्ल्ड बैंक ऑपरेट करेगा। इस फंड के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय यूनियन जैसे अमीर देशों के अलावा कुछ विकासशील देशों द्वारा मदद की जाएगी। हालांकि इसकी सीमा निर्धारित नहीं की गई है लेकिन जरूरत पड़ने पर कई ट्रिलियन डॉलर की व्यवस्था की जा सकती है। यह चिंता जताई जा रही थी कि इस फंड की वजह से अमीर देश, गरीब देशों पर और ज्यादा कंट्रोल करना शुरू कर देंगे लेकिन अब बातचीत के जरिए इसे सुलझा लिया जाएगा।

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