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WHO ने माना- कोरोना वायरस के हवा में फैलने का सबूत, लेकिन अभी रिजल्ट तक पहुंचने में वक्त लगेगा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को हवा से कोरोना वायरस फैलने की बात मान ली है।  WHO की टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोव ने कहा, एयरबोर्न की ट्रांसमिशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, कोरोना के हवा के माध्यम से फैलने के सबूत मिले हैं, लेकिन अभी रिजल्ट तक पहुंचने में वक्त लगेगा। 

corona virus WHO acknowledges evidence emerging of airborne of COVID 19 KPP
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Washington D.C., First Published Jul 8, 2020, 12:21 PM IST
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जिनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को हवा से कोरोना वायरस फैलने की बात मान ली है।  WHO की टेक्निकल लीड मारिया वान केरखोव ने कहा, एयरबोर्न की ट्रांसमिशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, कोरोना के हवा के माध्यम से फैलने के सबूत मिले हैं, लेकिन अभी रिजल्ट तक पहुंचने में वक्त लगेगा। 

32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने किया था दावा
कोरोना वायरस को लेकर अपनी रिसर्च में 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना वायरस के छोटे छोटे कण हवा में जिंदा रहते हैं और लोगों को संक्रमित करते हैं। वैज्ञानिकों ने दावा किया कि वायरस का संक्रमण हवा के जरिए भी फैल रहा है। इतना ही नहीं WHO से वैज्ञानिकों ने अपील की है कि वायरस की रिकमंडेशन्स (गाइडलाइन) में संसोधन किया जाए।

पहले WHO ने कुछ और कहा था
WHO का मानना है कि यह वायरस थूक के कणों से ही फैलता है। ये कण कफ, छींक और बोलते वक्त ही शरीर से बाहर निकल दूसरे व्यक्ति में दाखिल होते हैं। थूक के कण इतने हल्के नहीं होते कि वे हवा में फैल जाएं। इसलिए ये जमीन में ही गिर जाते हैं। 

वैज्ञानिकों के दावे पर  WHO ने क्या कहा? 
हालांकि, इन वैज्ञानिकों के दावे पर WHO ने मंगलवार को कहा था  कि रिसर्च का रिव्यू किया जा रहा है। WHO के प्रवक्ता तारिक जेसरेविक ने कहा था, हमें लेटर और रिपोर्ट मिली है। एक्सपर्ट के साथ उनका रिव्यू किया जा रहा है। हवा में मौजूद कणों से कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है, यह अब तक स्पष्ट नहीं है। WHO संक्रमण का रूट समझने की कोशिश कर रहा है। हम आश्वस्त नहीं हैं कि गाइडलाइन में बदलाव होना चाहिए।

कुछ खास स्थितियों में हवा से फैलता है कोरोना
WHO ने कहा, कुछ खास परिस्थितियों में कोरोना का संक्रमण फैलता है। मरीज को ट्यूब लगाते वक्त यह फैल सकता है। स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 29 जून को जारी गाइडलाइन में WHO ने कहा था, कोरोना नाक और मुंह से निकले ड्रॉप्लेट्स से फैलता है। सतह पर मौजूद वायरस से भी संक्रमण हो सकता है। हालांकि, भारतीय और अमेरिकी शोधकर्ताओं का दावा है कि कोरोना के कण बिना हवा चले भी 8 से 13 फीट तक की दूरी तय कर सकते हैं। 

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