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पाकिस्तान में श्रीलंका जैसे विद्रोह और सियासी संकट का खतरा, बाढ़ से हर जरूरी चीज महंगी, चौंकाने वाला ALERT

विनाशकारी बाढ़ ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष  (IMF) ने बढ़ती महंगाई के बीच पाकिस्तान में विरोध और अस्थिरता की चेतावनी दी है। यहां महंगाई अगस्त में 47 साल के हाई लेवल पर पहुंच गई थी।
 

Devastating floods in Pakistan have a bad effect on the prices of essential commodities, inflation rises, IMF warns of protest and instability like Sri Lanka kpa
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First Published Sep 3, 2022, 8:47 AM IST

इस्लामाबाद. पाकिस्तान में आई एक दशक की सबसे विनाशकारी बाढ़ ने अराजकता का खतरा पैदा कर दिया है। यानी पाकिस्तान में भी श्रीलंका जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं। विनाशकारी बाढ़ ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष  (IMF) ने बढ़ती महंगाई के बीच पाकिस्तान में विरोध और अस्थिरता की चेतावनी दी है। यहां महंगाई अगस्त में 47 साल के हाई लेवल पर पहुंच गई थी। कन्ज्यूमर प्राइज इंडेक्स(CPI) द्वारा मापी गई पाकिस्तान की मुद्रास्फीति अगस्त 2022 में 27.3% की तेजी के साथ 47 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। ऐसी हालत मई 1975 में आखिरी बार देखी गई थी। फूड आइटम्स और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर बाढ़ का कितना भीषण असर हुआ है,अभी इसका आकलन होना बाकी है।

एक दशक में सबसे खतरनाक बाढ़
दुनिया के 5वें सबसे अधिक आबादी वाले देश(5th most populated nation in the world) पाकिस्तान को बाढ़ ने बर्बादी की ओर धकेल दिया है। संवेदनशील मूल्य सूचकांक (sensitive price index-SPI ) रेट के आधार पर साप्ताहिक मुद्रास्फीति(weekly inflation) साल-दर-साल बढ़कर 45.5% हो गई। यह एक दशक में हाईएस्ट लेवल(highest level)  पर है। अर्थशास्त्र में मुद्रास्फीति का मतलब होता है, वस्तुओं और सर्विसेज में सामान्य वृद्धि। विनाशकारी बाढ़ की वजह से सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। देश में विनाशकारी बाढ़ का सबसे बुरा प्रभाव पड़ा है।इसने 33 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया है।

पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (Pakistan Bureau of Statistics-PBS) ने शुक्रवार को बताया कि 1 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान एसपीआई बेस्ड मुद्रास्फीति की रेट पिछले सप्ताह की तुलना में बढ़कर 1.31 फीसदी हो गई है। यह लगातार तीसरा सप्ताह है, जब मुद्रास्फीति की दर में लगातार वृद्धि हुई है। मुख्य रूप से बाढ़ के बीच चीजों की सप्लाई में दिक्कते आने से आवश्यक वस्तुओं की कीमत आसमान छूने लगी हैं।

31 आवश्यक चीजें बहुत महंगी हुईं
PBS ने जो डेटा रिलीज किया है, उसके अनुसार पिछले सप्ताह के दौरान 31 आवश्यक वस्तुओं, जैसे-प्याज, टमाटर, अंडे और अन्य वस्तुओं की औसत कीमतों में वृद्धि हुई है। हालांकि वेजिटेबल घी समेत तीन वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आई है। इस बीच 17 आवश्यक वस्तुओं की दरों में कोई बदलाव नहीं आया। 1 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान संयुक्त आय समूह सूचकांक( combined income group index) 219.97 अंक से बढ़कर इसी वीक के रिव्यू के दौरान 222.85 अंक हो गया। सबसे कम आय वर्ग के SPI में पिछले सप्ताह की तुलना में 1.63% की वृद्धि हुई। इस ग्रुप के लिए इंडेक्स पिछले सप्ताह के 225.48 अंक के मुकाबले 229.15 अंक पर रहा। मूसलाधार बारिश और बाढ़(Torrential rains and floods) ने पाकिस्तान की जनता पर भारी दबाव डाला है। कृषि उपज बर्बाद हो गई, सप्लाई चेन में बाधाएं हैं। ऐसे में लोग बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं।  देश में कीमत की स्थिति की समीक्षा करने के लिए कम समय के अंतराल पर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए SPI की गणना साप्ताहिक आधार पर की जाती है। इसमें 51 आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।कीमतें देश के 17 शहरों के 50 बाजारों से एकत्र की जाती हैं।

ग्लोबल वार्मिंग का भयंकर असर
जहां पाकिस्तान पिछले एक दशक में बाढ़ की सबसे खराब हालत का सामना कर रहा है, वहीं दक्षिण-पश्चिमी चीन में भारी बारिश हो रही है। उधर, नॉर्थ टेक्सास का डलास शहर पिछले महीने एक ही दिन में 10 इंच बारिश से हुई बाढ़ से अब उबर गया है। दक्षिण एशिया में वसंत का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है, जिससे हिंद महासागर के गर्म होने की संभावना है। यह सब ग्लोबल वार्मिंग का असर बताया जा रहा है।

पाकिस्तान में महंगाई डायन इतने प्रतिशत बढ़ी
फूड आइटम्स:

प्याज—42.17%
टमाटर—13.25%
धुली मूंग दाल—7.94%
आलू—6.97%
अंडे—3.84%
चिकन—3.25%
गेहूं का आटा—1.49%

गैर फूड आइटम्स
LPG—4.45%
डीजल—1.19%
पेट्रोल—0.88%

वीकली बेसिस पर आवश्यक वस्तुओं की रेट में वृद्धि
वेजिटेबिल घी (1kg) —1.18%
वेजिटेबल घी (2.5kg) — 0.41%
धुली पल्स मसूर —0.34%

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