पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है। ऐसे में कई देशों को वैज्ञानिक इसकी नई-नई दवाओं को लेकर खोज कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका में कोरोना की ऐसी दवा की खोज हुई है, जो कोरोना वायरस से संक्रमित चूहों में कोरोना के प्रसार को रोकने में अत्यधिक प्रभावी पाया गया है। 

वॉशिंगटन. पूरी दुनिया कोरोना से जूझ रही है। ऐसे में कई देशों को वैज्ञानिक इसकी नई-नई दवाओं को लेकर खोज कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका में कोरोना की ऐसी दवा की खोज हुई है, जो कोरोना वायरस से संक्रमित चूहों में कोरोना के प्रसार को रोकने में अत्यधिक प्रभावी पाया गया है। 

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इतना ही नहीं वैज्ञानिक का दावा है कि अन्य श्वसन तंत्र में भी कोरोना को रोकने में काम कर सकती है। दवा के बारे में अमेरिका में पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा चेरी ने बताया कि दवा की एक डोज मेडिकली तौर पर प्रारंभिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को सक्रिय करके वायरस को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम करता है। यह दक्षिण अफ्रीकी संस्करण बी 1.351 पर भी कारगर है।

शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाती है दवा
साइंस इम्यूनोलॉजी जर्नल के मुताबिक, डायाब्जी दवा शरीर की प्रतिरक्षा को सक्रिय करती है, यह जानलेवा वायरस के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति है। ये वायरस छिपने में सक्षम है, प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रारंभिक पहचान और प्रतिक्रिया में देरी कर रहा है। टीम ने यह भी भविष्यवाणी की कि यह उन दवाओं को खोजने में सक्षम हो सकता है जो श्वसन कोशिकाओं में इस प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बंद कर सकती हैं और कोरोना को रोक सकती हैं।