दुबई कोर्ट ने भारतीय इवेंट प्रमोटर दीपक चौधरी पर ट्रैवल बैन लगाया है। उन पर करीब 7 करोड़ रुपए की देनदारी का आरोप है। यह कार्रवाई होप नेशन इवेंट्स LLC द्वारा शुरू की गई है और दीपक को देश छोड़ने से रोक दिया गया है।
दुबई की एक अदालत ने भारतीय इवेंट प्रमोटर दीपक चौधरी पर ट्रैवल बैन लगा दिया है। दीपक, EVA Live (भारत और मध्य पूर्व) और EVENTFAQS मीडिया के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हैं। यह कार्रवाई लगभग 7 करोड़ रुपए (AED 2,998,713) की कथित देनदारी के मामले में निष्पादन कार्यवाही (execution proceedings) के तहत की गई है।

दुबई कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह ट्रैवल बैन पिछले महीने एक नोटरी पब्लिक डीड के निष्पादन से संबंधित मामले में लगाया गया था। आदेश में कहा गया है कि चौधरी की यात्रा पर रोक लगा दी गई है और उनका नाम यूएई के सभी बंदरगाहों और सीमा चौकियों पर सर्कुलेट कर दिया गया है। यह बैन तब तक जारी रहेगा जब तक कि बकाया राशि का भुगतान नहीं हो जाता या दावा की गई राशि के बराबर बैंक गारंटी नहीं दी जाती।
क्यों लगाया गया ट्रैवल बैन?
अदालत ने कहा कि यह यात्रा प्रतिबंध इस आशंका को देखते हुए लगाया गया है कि देनदार (judgment debtor) देश छोड़कर भाग सकता है। आदेश में यह भी कहा गया है कि बकाया कर्ज AED 10,000 से अधिक है और इस प्रतिबंध के लिए कानूनी आधार के रूप में यूएई के नागरिक प्रक्रिया कानून (UAE Civil Procedure Law) के अनुच्छेद 324(1) का हवाला दिया गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यात्रा प्रतिबंध, लागू होने पर, आपराधिक कार्यवाही या निर्वासन की कार्यवाही शुरू करने से नहीं रोकता है। अनुवादित आदेश में दीपक चौधरी और जय प्रकाश चौधरी को देनदार के रूप में पहचाना गया है और यह रिकॉर्ड किया गया है कि आंतरिक मंत्रालय ने अपने इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के माध्यम से यात्रा प्रतिबंध को मंजूरी दी और इसे स्वचालित रूप से लागू कर दिया।
कोर्ट ने जारी किया नोटिस
यह निष्पादन कार्यवाही होप नेशन इवेंट्स एलएलसी (Hope Nation Events LLC) द्वारा शुरू की गई है, जिसे अदालती दस्तावेजों में निष्पादन आवेदक (execution applicant) के रूप में पहचाना गया है। दुबई कोर्ट द्वारा 12 जून, 2026 को जारी एक अलग कानूनी नोटिस (घोषणा) में कहा गया है कि चौधरी को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ऑटोमेटेड SMS नोटिफिकेशन के जरिए भुगतान की मांग और निष्पादन का आदेश डिजिटल रूप से भेजा गया था।
नोटिस में देनदार को निर्देश दिया गया है कि वह नोटिस के प्रकाशन के सात दिनों के भीतर निष्पादन आवेदक को AED 2,998,713.50 का भुगतान करे या निर्धारित शुल्क के साथ यह राशि कोर्ट के खजाने में जमा करे। इसमें चेतावनी दी गई है कि यदि इसका पालन नहीं किया जाता है, तो निष्पादन न्यायालय उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
सिविल मामला, आपराधिक नहीं
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में निष्पादन कार्यवाही पर चौधरी की कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। यह निष्पादन मामला एक नोटरी पब्लिक डीड को लागू कराने से संबंधित है, न कि किसी आपराधिक दायित्व के निर्धारण से। यह कार्यवाही लागू यूएई नागरिक निष्पादन प्रक्रिया के अनुसार निष्पादन आवेदक द्वारा दावा की गई राशि की वसूली से संबंधित है।
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