लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी के सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने लेस्को के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी एक महीने की सैलरी की मांग कर रहे हैं।

लाहौर: आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान कंगाली की कगार पर खड़ा है। पाक सरकार बिजली कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दे पा रहा है। ऐसे में वेतन ने मिलने से परेशान लाहौर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (LESCO) के सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने लेस्को के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक LESCO कर्मचारियों ने एक महीने के वेतन की मांग को लेकर लाहौर में एक बड़ी रैली निकाली।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस रैली का आयोजन ऑल पाकिस्तान वापडा हाइड्रो इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन ने किया। यह रैली लाहौर में लेस्को मुख्यालय के सामने आयोजित की गईं थी। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक महीने के वेतन के प्रदर्शन भत्ते की मांग की।

द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार यह प्रदर्शन बुधवार को उस समय हुए, जब वर्कर्स ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और लाइन कर्मचारियों को दुर्घटनाओं से बचाने का आग्रह किया था. इसके अलावा पाकिस्तान में बिजली कर्मचारियों कई बार मुद्रास्फीति, बढ़ती गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ लाहौर में बार-बार विरोध कर चुके हैं।

सरकार ने बढ़ाए बिजली के दाम

बता दें कि यह रैली ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान वित्तीय पतन के कगार पर खड़ा है। इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने बिजली के दामों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था. पाकिस्तान की न्यूज मीडिया एआरवाई के मुताबिक फ्यूल एडजस्टमेंट चार्जेस को ध्यान में रखते हुए एनर्जी मिनिस्ट्री ने बिजली के दामों में 14.24 रुपये प्रति यूनिट चार्ज बढ़ाने के लिए नेशनल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी को सिफारिश भेजी थी।

किसानों से भी अतिरिक्त वसूली
पाकिस्तान के बिजली विभाग के मुताबिक, जो लोग हर महीने 200 यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अब 10.34 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। वहीं, जो लोग 300 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें 14.24 रुपये प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। किसानों से भी सरकार पिछले 8 महीने के दौरान इस्तेमाल की गई बिजली के अतिरिक्त 9.90 रुपये प्रति यूनिट वसूलेगी।

यह भी पढ़ें- कंगाल पाकिस्तान को मिली राहत, 1 अरब डॉलर की सहायता देगा यह मुस्लिम देश