अपने कॉलेज की एक लड़की को इम्प्रेस करने अशरफुल इस्लाम से 'जीतू दादा' ने दबंग स्टाइल में अपने टीचर को क्रिकेट बैट से इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। टीचर जीतू की 'दादागीरी' और लड़कियों को छेड़न की हरकतों के खिलाफ थे। चौंकाने वाला यह क्राइम बांग्लादेश की कैपिटल ढाका में सामने आया है। 

ढाका. रैपिड एक्शन बटालियन(RAB) ने अपने ही कॉलेज के एक टीचर की हत्या करने के आरोपी अशरफुल इस्लाम उर्फ 'जीतू दादा' की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे किए हैं। यह मामला बांग्लादेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोपी ने अपने स्कूल 'हाजी यूनुस अली स्कूल और कॉलेज' की एक लड़की को इम्प्रेस करने के लिए अपने टीचर उत्पल कुमार सरकार को क्रिकेट स्टंप से इतना पीटा कि उनकी मौत हो गई। यह मामला लोकल मीडिया में तूल पकड़ गया था। लिहाजा आरोपी को पकड़ने पुलिस को ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई करनी पड़ी। RAB ने गुरुवार को ढाका में अपने मीडिया सेंटर में जीतू की गिरफ्तारी और मामले की जांच में प्रोग्रेस के बारे में मीडिया को जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। RAB लीगल एंड मीडिया विंग के डायरेक्टर खांडाकर अल मोइन ने कहा कि एलीट पुलिस यूनिट ने बुधवार शाम गाजीपुर के श्रीपुर उपजिला से जीतू उर्फ ​​जीतू दादा को गिरफ्तार किया।

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25 जून को कर दिया था मर्डर
जीतू द्वारा 25 जून को क्रिकेट स्टंप से मारने के बाद घायल हुए उत्पल कुमार की 27 जून की सुबह करीब 5:15 बजे सावर इनाम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह पॉलिटिकल साइंस डिपार्टमेंट के लेक्चरर और कॉलेज में अनुशासन समिति( disciplinary committee) के चेयरमैन थे। उनके भाई ने आशुलिया थाने में मामला दर्ज कराया था।

RAB लीगल एंड मीडिया विंग के डायरेक्टर खांडाकर अल मोइन ने कहा कि घटना से कुछ दिन पहले उत्पल ने जीतू को स्कूल की एक छात्रा के साथ घूमने से मना किया था। इसी बात को लेकर जीतू उन पर भड़क गया था। फिर उसने लड़की को अपनी वीरता दिखाने के लिए उत्पल पर हमला करने की योजना बनाई।

RAB अधिकारी ने कहा कि जीतू ने स्कूल में एक क्रिकेट स्टंप छिपा रखा था और उत्पल को मारने के मौके का इंतजार कर रहा था। जीतू ने गर्ल्स क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान उत्पल को स्कूल के मैदान के एक कोने पर खड़ा देखा और स्टंप से उन पर हमल कर दिया। इससे वोगंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले उत्पल को एक स्थानीय अस्पताल और बाद में इनाम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

10वीं का छात्र है आरोपी
जीतू स्कूल में दसवीं का छात्र रहा है। जीतू अनुशासनहीन छात्र के रूप में कुख्यात रहा है। उस पर स्कूल का अनुशासन तोड़ने और स्कूल कैम्पस में मारपीट करने के कई आरोप हैं। जीतू कक्षा में या स्कूल जाते समय छात्राओं को छेड़ता था। RAB के सीनियर अधिकारी ने कहा कि जीतू ने इलाके में प्रभुत्व स्थापित करने के लिए एक टीन गैंग बनाया था। अगर कोई उसके परिवार से शिकायत करता, तो वह अपने गैंग के साथ उन पर हमला कर देता था। घटना के बाद अशरफुल इस्लाम जीतू को स्कूल से निकाल दिया गया है।

यूनिसेफ ने भी उठाया था मुद्दा
इस मामले को लेकर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुआ था। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों ने उत्पल के हत्यारे जीतू को फांसी की सजा की मांग को लेकर सावर बस स्टैंड क्षेत्र में मानव श्रृंखला( human chain) बनाई थी। इसी मामले को लेकर बांग्लादेश में यूनिसेफ के रिप्रेजेंटेटिव शेल्डन येट(Sheldon Yett) ने कहा था कि शिक्षकों पर हमले शिक्षा पर हमला है। अगर हम शिक्षकों को हिंसा से बचाने में विफल रहते हैं, तो इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ेगा। येट ने कहा कि यूनिसेफ बांग्लादेश में शिक्षकों पर हालिया सिलसिलेवार हमलों को लेकर काफी चिंतित है। 

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