फ्रांस में हिंसा के बीच शनिवार की रात में जब भारी सुरक्षा व्यवस्था वाले घर में मेयर और उनका परिवार सो रहा था तो हिंसक प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया।

France Violence day 5: फ्रांस में पांचवें दिन हिंसा जारी है। शनिवार की रात में प्रदर्शनकारियों ने पेरिस के मेयर विंसेट जीनब्रून के घर पर हमला बोल दिया। इस हमले में मेयर की पत्नी और बच्चे घायल हो गए। प्रधानमंत्री एलिजाबेथ बॉर्न ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद शॉकिंग मामला है। मेयर के घर पर हमला करने वाले हिंसक प्रदर्शनकारियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा ताकि न्याय दिलाया जा सके। पीएम एलिजाबेथ इस घटना के बाद मेयर के घर पहुंची थी। उनके साथ आंतरिक मंत्री गेराल्ड डार्मानिन भी थे।

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मेयर के कार को किया आग के हवाले, कार को घर में घुसाया

फ्रांस में हिंसा के बीच शनिवार की रात में जब भारी सुरक्षा व्यवस्था वाले घर में मेयर और उनका परिवार सो रहा था तो हिंसक प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया। मेयर की कार को प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कार को घर में घुसा दिया। मेयर ने हमले की जानकारी खुद दी। मेयर विंसेंट जीनब्रून ने ट्वीट कर बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उनके घर पर हमला किया और परिवार के लोगों को नुकसान पहुंचाया। मेयर जीनब्रून ने कहा कि आग लगाने से पहले उनके घर में एक कार घुसा दी। उस वक्त परिवार के लोग सो रहे थे। मेयर ने बताया कि उनकी पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए। उनके परिवार के लोगों की हत्या की कोशिश की गई।

17 साल के युवक नाहेल को गोली मारने के बाद भड़की हिंसा

फ्रांस में अफ्रीकी मूल के किशोर 17 वर्षीय नाहेल की एक पुलिसवाले द्वारा गोली मारने की घटना के बाद हिंसा भड़क गया। बताया जा रहा है कि एक ट्रैफिक सिग्नल पर युवक को रोके जाने के बाद पुलिसवाले ने पास पहुंचकर गोली मार दी। इसके बाद पांच दिनों से यहां लगातार हिंसा हो रही है। दरअसल, काफी दिनों से दबे यहां के नस्लीय अत्याचार का प्रतिरोध खुलकर इसी बहाने सामने आ गया है। अल्पसंख्यक जातीय समुदाय के साथ पुलिस हिंसा की घटनाओं से दबे अन्याय की भावना से दबा गुस्सा भड़क चुका है। फ्रांस में दो हजार से अधिक कारें हिंसा की आग में खाक हो चुकी हैं। प्रदर्शनकारी ट्राम, सार्वजनिक सवारियों, बैंक, ऑफिसों, स्कूलों और घरों में आग लगा रहे हैं। शांति बहाली के लिए देश के विभिन्न शहरों में बख्तरबंद वाहनों के साथ 45 हजार से अधिक अधिकारियों को तैनात किया गया है। क्रैक पुलिस यूनिट्स और अन्य सिक्योरिटी फोर्सेस को भी देश के विभिन्न शहरों में तैनात किया गया है। हिंसक प्रदर्शन करने वाले अबतक 1300 से अधिक लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। अरेस्ट किए गए अधिकतर प्रदर्शनकारियों की उम्र 14 से 18 साल के बीच है।

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