जंग थमने के बाद कैसा दिखता है गाजा, 10 PHOTO में देखें बसे-बसाए शहर की वीरान तस्वीरें
Gaza After Peace Summit: इजराइल-हमास के बीच शांति समझौता हो चुका है। इसके साथ ही पिछले 2 साल से चली आ रही जंग अब थम चुकी है। हालांकि, 24 महीनों में गाजा ने जो झेला है, उसकी भरपाई बहुत मुश्किल है। 10 फोटो में देखें जंग के बाद कैसा दिखता है गाजा।

जंग थमी, पर सदियों तक नहीं मिटेंगे गाजा के जख्म..
इजराइल-हमास के बीच पिछले 24 महीनों से चली आ रही जंग भले ही थम चुकी है, लेकिन अपने पीछे ये कुछ ऐसे निशां छोड़ गई है, जो सदियों तक नहीं मिटेंगे। मिस्र में हुए शांति समझौते के बाद बसे-बसाए गाजा की एक उजाड़ तस्वीर।
मलबे के ढेर से प्लास्टिक-लकड़ी जुटाते गाजा के बच्चे
गाजा के खान यूनिस इलाके से इजरायली सेना की वापसी के बाद ईंधन की कमी के कारण इमारतों और मलबे के ढेर से प्लास्टिक और लकड़ी इकट्ठा करते फिलिस्तीनी बच्चे। खान यूनिस के अल-महत्ता, अल-कतिबा और अल-बलाद इलाकों में लौटने के बाद फिलिस्तीनी नागरिकों ने अपने घरों और सड़कों को खंडहर में तब्दील पाया।
गाजा में पटरी पर लौटने की कोशिश करती जिंदगी
मिस्र में हुए शांति समझौते के बाद गाजा के खान यूनिस में फिलिस्तीनियों ने अपने क्षतिग्रस्त और नष्ट हो चुके घरों की तरफ लौटना शुरू कर दिया है। किसी तरह जिंदगी एक बार फिर पटरी पर लौटने की कोशिश कर रही है।
चलना ही जिंदगी है, चलती ही जा रही है..
गाजा से इजरायली सेनाएं वापस लौट रही हैं, जिसके बाद वहां के खान यूनिस के केतिबे में रहने वाले परिवार सदमे से उबरने के बाद अब नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की आस में अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।
गाजा में अपनी छोटी-सी गृहस्थी के साथ एक महिला
गाजा में जंग थमने के बाद अपने घर के बाहर मलबे में जिंदगी तलाशती एक महिला। बता दें कि पिछले दो साल की लड़ाई में गाजा की 80% से ज्यादा हमारतें और 68 प्रतिशत से ज्यादा सड़कें मलबे का ढेर बन चुकी हैं।
गाजा की वीरान गलियों में मासूम बच्चे
गाजा में युद्ध रुकने के बाद फिलिस्तीनी बच्चे एक बार फिर गलियों में नजर आने लगे हैं। हालांकि, इनके चेहरे में अब वो खुशी नहीं, जो पहले थी। ये तस्वीरें देख ऐसा लगता है, जैसे इनका बचपन छिन गया हो।
गाजा के एक अस्पताल का खौफनाक मंजर
गाजा से इजरायली सेना की वापसी के बाद बुजुर्गों की सेवा करने वाले अल-वफा अस्पताल में तबाही का मंजर। अस्पताल के कई हिस्से पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। यहां तक कि मरीजों के सामान के साथ ही मेडिकल इक्विपमेंट्स भी मलबे के नीचे दब गए हैं।
पीछे दुख तो आगे सुख है...
गाजा में जंग रुकने के बाद गाड़ी पर बैठकर जीत का जश्न मनाते फिलिस्तीनी लोग। इनके चेहरों को देख यही लगता है कि जो हुआ सो हुआ, अब वक्त है सबकुछ भुलाकर जिंदगी को एक नए नजरिये के साथ जीने का।
दुनिया में कितना गम है, मेरा गम कितना कम है...
गाजा की एक सड़क पर पड़े मलबे में आराम करता ये बच्चा शायद यही कह रहा है, दुनिया में कितना गम है, मेरा गम कितना कम है…। युद्ध थमने के बाद अपने घर के बाहर चैन की सांस लेता एक फिलिस्तीनी बच्चा।
गाजा में बेघर हुए 19 लाख लोग
बता दें कि इजराइली हमलें में गाजा के 90 प्रतिशत अस्पताल और यूनिवर्सिटी मलबे का ढेर बन चुकी हैं। वहां की 23 लाख आबादी में से 19 लाख लोग बेघर हो चुके हैं, जबकि 5 लाख भुखमरी से जूझ रहे हैं।
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