एचटीएससी 2018 में स्थापित हुआ गैर लाभकारी संगठन है जिसका उद्देश्य ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ स्थापित करना और अमेरिका में बढ़ रही तमिल-अमेरिकियों की 250,000 की आबादी के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।

ह्यूस्टन (Houstan). ह्यूस्टन तमिल स्टडीज चेयर (एचटीएससी) ने तमिल भाषा के अध्ययन में मदद करने के लिए ह्यूस्टन विश्वविद्यालय को 20 लाख डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया है। एक विज्ञप्ति में कहा गया कि एचटीएससी 2018 में स्थापित हुआ गैर लाभकारी संगठन है जिसका उद्देश्य ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में तमिल अध्ययन पीठ स्थापित करना और अमेरिका में बढ़ रही तमिल-अमेरिकियों की 250,000 की आबादी के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।

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दुनिया में तमिल का प्रचार करना है मकसद 
इस मिशन का मकसद प्राचीन भाषा तमिल का प्रचार करना है जिसे दुनियाभर में सात करोड़ से अधिक लोग बोलते हैं। उसने बताया कि एचटीएससी के संस्थापक सदस्य सॉकालिंगम सैम कन्नप्पन, डॉ. एस जी अप्पन, सॉकालिंगम नारायणन, पेरुमल अन्नामलई, नागमणिकम गणेशन, ट्यूलिप वी नरसिमन और डॉ. तिरुवेंगडम अरुमुगम ग्रेटर ह्यूस्टन इलाके में फंड जुटाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। एचटीएससी के बोर्ड अध्यक्ष सैम कन्नप्पन ने कहा, ‘‘जैसे कि तमिल-अमेरिकी परिवार इस महान देश के बहु सांस्कृतिक समाज के तानेबाने में बुना हुआ है और हमारे सभी बच्चे अमेरिकी विश्वविद्यालयों में शिक्षा ले रहे हैं तो एचटीएससी समृद्ध तमिल संस्कृति, भाषा और साहित्य के बारे में जागरूकता फैलाने की पहल को आगे बढ़ा रहा है।’’

[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]