भारत इस मामले पर केन्याई अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, दो भारतीय नागरिक जुल्फिकार अहमद खान और जैद सामी किदवई जुलाई के मध्य से केन्या में लापता हैं। उसके तुरंत बाद वहां एक पुलिस शिकायत दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि केन्या में भारतीय उच्चायोग केन्याई अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

नैरोबी। केन्याई राष्ट्रपति विलियम रुतो के चुनावी कैंपेन का हिस्सा रहे दो भारतीयों के अपहरण के बाद अब हत्या की आशंका जताई जा रही है। राष्ट्रपति द्वारा भंग की गई डीसीआई यूनिट पर दोनों भारतीयों के मर्डर किए जाने की आशंका है। जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद जैद सामी किदवई, केन्या क्वांजा डिजिटल कैंपेन टीम के सदस्य थें। जुलाई में दोनों मोम्बासा रोड से लापता हो गए थे। उनके साथ टैक्सी ड्राइवर निकोडेमस मवानिया भी लापता हो गया था। इनके अपहरण की आशंका जताई गई थी। हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट में अब दावा किया गया है कि राष्ट्रपति के कैंपेन का हिस्सा रहे दोनों भारतीयों की हत्या की जा चुकी है। जुल्फिकार बालाजी टेलीफिल्म्स के पूर्व सीओओ हैं। एकता कपूर ने दोनों भारतीयों के लिए पीएम मोदी से अपील की थी।

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केन्याई अधिकारियों के संपर्क में विदेश मंत्रालय

भारत इस मामले पर केन्याई अधिकारियों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, दो भारतीय नागरिक जुल्फिकार अहमद खान और जैद सामी किदवई जुलाई के मध्य से केन्या में लापता हैं। उसके तुरंत बाद वहां एक पुलिस शिकायत दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि केन्या में भारतीय उच्चायोग केन्याई अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।

राष्ट्रपति विलियम रुतो के कैंपेन में महत्वपूर्ण योगदान रहा दोनों भारतीयों का

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुतो के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में दोनों भारतीयों जुल्फिकार अहमद खान और उनके दोस्त मोहम्मद जैद सामी किदवई का विशेष योगदान रहा। मीडिया को इटुम्बी ने बताया कि दोनों का राष्ट्रपति अभियान की सफलता में बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने बताया कि जब भी कैंपेन टीम ग्राफिक्स वगैरह को लेकर परेशान होती थी तो दोनों उसका हल निकालने में अहम भूमिका निभाते थे। वह बेहद शानदार कैंपेन कंटेंट बनाते थे। वह केन्या को एंजॉय करते थे। उन्होंने बताया कि दोनों ने भारत आने के लिए उनको आमंत्रित किया था। 

डीसीआई यूनिट पर लगा हत्या का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्पेशल सर्विस यूनिट (एसएसयू) के विघटन के बाद इस हत्याकांड का रहस्योद्घाटन किया गया। दरअसल, एसएसयू पर एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग का आरोप लगाया गया है। दोनों भारतीयों के लापता होने के पीछे इसी टीम का हाथ होने का संदेह है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीयों के लापता होने के संबंध में स्पेशल सर्विस यूनिट का नाम आने के बाद राष्ट्रपति रुटो ने SSU को खत्म करने का आदेश भी दिया था। यूनिट के तहत काम करने वाले कुल 21 जासूसों को शुक्रवार को नैरोबी में आंतरिक मामलों की इकाई (आईएयू) मुख्यालय में बुलाया गया। एसएसयू, केन्या के DCI के तहत काम करता है। इसका काम अपराधों की खुफिया जानकारी इक्टठी करना होता है। SSU को केन्या की हत्यारी पुलिस इकाई के नाम से भी जाना जाता है। इटुम्बी का दावा है कि दो भारतीय और उनके ड्राइवर की मौत हो सकती है। लेकिन उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया।

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