इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने नरेंद्र मोदी ने 6 जनवरी को अपने एक्स हैंडल पर लक्षद्वीप की फोटो और वीडियो पोस्ट की थी। इस फोटो और वीडियो पर मालदीव के तीन अधिकारियों ने विवादित टिप्पणी की थी।

भारत-मालदीव रिश्ते। भारत और मालदीव के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध पर काफी प्रभाव पड़ा है। नतीजा ये रहा है कि भारतीय पर्यटकों ने भी छुट्टियां बिताने के लिए मालदीव जाना बंद कर दिया है। इसी चिंता को देखते हुए मालदीव एसोसिएशन ऑफ ट्रैवल एजेंट्स एंड टूर ऑपरेटर्स (MATATO) ने दोनों देशों के बीच यात्रा और पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर भारत के उच्चायुक्त मुनु महावर के साथ चर्चा की। उन्होंने मालदीव में भारतीय पर्यटकों को वापस लुभाने के लिए प्रमुख भारतीय शहरों में रोड शो आयोजित करने का फैसला किया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने नरेंद्र मोदी ने 6 जनवरी को अपने एक्स हैंडल पर लक्षद्वीप की फोटो और वीडियो पोस्ट की थी। इस फोटो और वीडियो पर मालदीव के तीन अधिकारियों ने विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद कई मशहूर हस्तियों सहित करोड़ों भारतीयों ने मालदीव का जमकर विरोध किया था। नतीजा ये हुआ कि हजारों-लाखों की संख्या में लोगों ने एक साथ मालदीव जाने का सार प्लान कैंसिल कर दिया।

Scroll to load tweet…

भारतीयों के इस फैसले से मालदीव के पर्यटन व्यवसाय पर काफी असर पड़ा। नए आंकड़े बताते है कि भारत जो कभी मालदीव का शीर्ष पर्यटक देश होता था, वो आज के वक्त 5वें से 6 वें नंबर पर आ गया। इस तरह से मालदीव पर्यटन विभाग की चिंता बढ़ गई है।

मालदीव में जाने वाले अन्य देशों के पर्यटक

मालदीव के पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस साल 10 अप्रैल तक आने वाले कुल 6,63,269 पर्यटकों में से चीन 71,995 के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद यूनाइटेड किंगडम (66,999), रूस (66,803), इटली का स्थान रहा (61,379), जर्मनी (52,256) और भारत (37,417) रहा। Sun.mv समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार माले में भारतीय उच्चायोग में आयोजित एक बैठक में चर्चा के बाद, MATATO ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पर्यटन पहल को बढ़ावा देने के लिए मालदीव में भारतीय उच्चायोग के साथ मिलकर सहयोग करने का इरादा व्यक्त किया है।

ये भी पढ़ें: चीन के इस नए हथियार ने बढ़ाई इंडिया की टेंशन, बिना रडार में आए कर सकता है बढ़ा हमला