पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट में आज भी संसद भंग करने के मामले की सुनवाई चल रही है। इस बीच, इमरान खान के मंत्री चौधरी फवाद हुसैन प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट के बाहर चल रही इस प्रेस वार्ता में उन्होंने पत्रकारों पर पैसे लेने का आरोप लगा दिया, जिसके बाद पत्रकारों ने उनकी प्रेस वार्ता का बहिष्कार कर दिया।

इस्लामाबाद। सियासी संकट के दौर से जूझ रहे पाकिस्तान में रोज नए हंगामे हो रहे हैं। बुधवार को इमरान खान के मंत्री चौधरी फवाद हुसैन की पत्रकार वार्ता में जमकर हंगामा हुआ। फवाद ने पत्रकारों पर पैसे लेने के आरोप लगाए। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आप लोग किराए के हैं।

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फराह खान के देश छोड़ने के सवाल पर भड़के
संसद भंग करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच फवाद चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पत्रकारों ने फवाद से फराह खान के देश छोड़कर भागने के बारे में पूछा। इस पर फवाद नाराज हाे गए और पत्रकारों पर बिके होने का आरोप लगा दिया। मंत्री के बहस करने पर पत्रकार भी उनके खिलाफ लामबंद हो गए और गुंडागर्दी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। पत्रकार मंत्री के माफी मांगने की मांग कर रहे थे, जबकि फवाद ने माफी मांगने से इंकार कर दिया। विवाद बढ़ने पर पत्रकारों ने फवाद की प्रेस वार्ता का बायकॉट कर दिया।

फराह का फवाद से क्या कनेक्शन 
इमरान खान की सत्ता जाती देख फराह खान पाकिस्तान छोड़कर भाग गई थीं। वह इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा बीबी (Bushra Bibi)की करीबी दोस्त हैं। कहा जा रहा है कि फराह 90 हजार डॉलर लेकर भागी हैं। उनकी देश छोड़ते हुए एक तस्वीर भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि फराह विपक्ष के निशाने पर हैं। यदि शहबाज शरीफ की सरकार बनी तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

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संसद भंग करने के मामले में सुनवाई जारी 
पाकिस्तान में नेशनल असेंबली भंग करने के मामले की सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट में लगातार तीसरे दिन सुनवाई जारी है। चीफ जस्टिस (Pakistan Chief Justice)उमर अता बंदियाल ने बुधवार को कहा कि शीर्ष अदालत 3 अप्रैल की घटनाओं पर आज स्वत: संज्ञान लेगी। इस दिन नेशनल असेंबली (NA) के उपाध्यक्ष कासिम शाह सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री की मांग पर राष्ट्रपति डॉ. अल्वी ने संसद को भंग कर दिया था। इस मामले की सुनवाई पांच सदस्यीय पीठ कर रही है। इसमें सीजेपी के अलावा जस्टिस इजाजुल अहसन, जस्टिस मोहम्मद अली मजहर, जस्टिस मुनीब अख्तर और जस्टिस जमाल खान मंडोखाइल शामिल हैं।

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