भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी पीएम शिगेरु इशिबा के साथ ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। पीएम मोदी ने कहा कि जापानी टेक्नोलॉजी और भारतीय टैलेंट विनिंग कॉम्बिनेशन है।

Narendra Modi Japan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने जापानी पीएम शिगेरु इशिबा के साथ टोक्यो में 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने अपनी विशेष रणनीतिक साझेदारी में एक "नए और सुनहरे अध्याय" की नींव रखी है। जापानी टेक्नोलॉजी और इंडियन टैलेंट विनिंग कॉम्बिनेशन हैं।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने कहीं ये 10 बड़ी बातें

1- हम दोनों एकमत हैं कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और जीवंत लोकतंत्र के रूप में हमारी साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

2- आज हमने अपने स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप में एक नए और सुनहरे अध्याय की मजबूत नींव रखी है। हमने अगले दशक के लिए एक रोडमैप बनाया है। हमारे विजन के केंद्र में निवेश, इनोवेशन, इकोनॉमिक सिक्योरिटी, वातावरण, टेक्नोलॉजी, हेल्थ, मोबिलिटी और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसी प्रमुख बातें हैं।

3- हमने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन (5.98 लाख करोड़ रुपए) निवेश का लक्ष्य तय किया है। भारत और जापान के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा। भारत और जापान बिजनेस फोरम में भी मैंने जापानी कंपनियों को कहा मेक इन इंडिया, मेक फोर द वर्ल्ड।

4- हमारा ज्वाइंट क्रेडिट मैकेनिज्म ऊर्जा के लिए बड़ी जीत है। हमारी ग्रीन पार्टनरशिप इकोनॉमिक पार्टनरशिप की तरह मजबूत है। इसी दिशा में हम सस्टेनेबल फ्यूल्स इनिशिएटिव और बैटरी सप्लाई चेन पार्टनरशिप भी शुरू कर रहे हैं।

5- हम इकोनॉमिक सिक्योरिटी कोऑपरेशन लॉन्च कर रहे हैं। इसके तहत क्रिटिकल और स्ट्रैटेजिक क्षेत्रों में एक व्यापक अप्रोच के साथ आगे बढ़ा जाएगा।

6- हाई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग, हम दोनों की प्राथमिकता है। इस संदर्भ में डिजिटल पार्टनशिप 2.0 और AI कोऑपरेशन इनिशिएटिव लिया जा रहा है। सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ मिनरल्स हमारे एजेंडे में सबसे ऊपर रहेंगे।

7- हम मानते हैं कि जापानी टेक्नोलॉजी और इंडियन टैलेंट विनिंग कॉम्बिनेशन हैं। जहां हम हाई स्पीड रेल पर काम कर रहे हैं। वहीं, अगली पीढ़ी के मोबिलिटी पार्टनरशिप के अंतर्गत पॉड्स, एविएशन और शिप बिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से प्रगति करेंगे।

8- चंद्रयान 5 मिशन में सहयोग के लिए इसरो और जाक्सा (जापानी स्पेस एजेंसी) में बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं। हमारी सक्रिय भागीदारी पृथ्वी की सीमाओं को पार कर अंतरिक्ष में भी मानवता की प्रगति का प्रतीक बनेगी।

9- ह्यूमन रिसोर्स एक्सचेंज एक्शन प्लान के तहत अगले 5 वर्षों में अलग-अलग क्षेत्रों में दोनों तरफ से 5 लाख लोगों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसमें 50 हजार कुशल भारतीय जापान के अर्थव्यवस्था में सक्रिय योगदान देंगे।

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10- भारत और जापान एक फ्री, ओपन, शांत, समृद्ध और रूल्ड बेस्ड इंडो पैसिफिक के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। आतंकवाद और साइबर सिक्योरिटी को लेकर हमारी चिंताएं समान हैं। डिफेंस और समुद्री सुरक्षा में हमारे साझे हित जुड़े हुए हैं। हमने फैसला किया है कि रक्षा उद्योग और इनोवेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और सशक्त किया जाएगा।