नई दिल्ली. रशिया की फार्मा कंपनी आर-फार्म ने कोविड 19 की दवा तैयार कर ली है। दवा का नाम कोरोनाविर रखा गया है। अब इस दवा को क्लीनिकल ट्रायल के बाद मरीजों के इलाजे के लिए अनुमति मिल गई है। कंपनी का दावा है कि दवा कोरोना के मरीजों पर बेहतर असर करेगी। दवा देने के पांचवे दिन करीब 77 प्रतिशत मरीजों में कोरोना नहीं मिला।

कोरोना की जड़ पर करती है वार
कंपनी का दावा है कि कोरोनाविर देश की पहली ऐसी दवा है जो पूरी तरह कोविड 19 के मरीजों के इलाज के लिए है। यह दवा कोरोना की संख्या को बढने से रोकती है। यह बीमारी की जड़ पर वार करती है। 

55% में देखा गया फायदा
रशियन फार्मा कंपनी आर फार्म के मुताबिक, क्लीनिकल ट्रायल के दौरान कोरोनाविर और दूसरी थैरेपी दवा ले रहे कोविड 19 मरीजों की तुलना की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि दूसरी दवा और थैरेपी के मुकाबले नई दवा लेने वाले मरीजों में 55 प्रतिशत अधिक सुधार देखा गया।

मई में हुआ था क्लीनिकल ट्रायल
कंपनी के मुताबिक, दवा का ट्रायल मई में शुरू हुआ था। इस दवा से अब तक इससे 110 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। कंपनी का दावा है कि यह लक्षणों की जगह बीमारी पर टार्गेट करती है। दवा देने के 14 दिन के अंदर दवा का असर दिखता है। 

24 घंटे में 27 हजार केस
अमेरिका और ब्राजील के बाद हर दिन सबसे ज्यादा मरीज भारत में आ रहे हैं। पहली बार 24 घंटे में 27 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए। देश में संक्रमितों की संख्या अब आठ लाख के पार पहुंच गई है।. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 8 लाख 20 हजार 916 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। 22,123 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लाख 15 हजार लोग ठीक भी हुए हैं।