Russia's Action against Meta : रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच रूस ने कुछ दिन पहले एक सेंसरशिप के तहत देश में फेसबुक पर प्रतिबंध लगा दिया था। रूस की इस कार्रवाई के विरोध में फेसबुल की मूल कंपनी मेटा ने रूस में सभी विज्ञापनों पर रोक लगा दी। मेटा के इन प्रतिबंधों के बीच रूस में लोगों को फेसबुक चलाने में काफी कठिनाई हो रही है। 

मॉस्को। रूस ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Facebook's Parent compant Meta) के खिलाफ आपराधिक मुकदमा (Criminal case) चलाने की बात कही है। उसका आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम ने उसके नेताओं और सेना के खिलाफ हिंसक संदेशों को प्रसारित करने में नियमों में छूट दी। इसी वजह से देश में रूसी आर्मी और नेताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारियां प्रसारित की गईं। 

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रूस ने लगाया था फेसबुक पर प्रतिबंध
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच रूस ने कुछ दिन पहले एक सेंसरशिप के तहत देश में फेसबुक पर प्रतिबंध लगा दिया था। रूस की इस कार्रवाई के विरोध में फेसबुल की मूल कंपनी मेटा ने रूस में सभी विज्ञापनों पर रोक लगा दी। मेटा के इन प्रतिबंधों के बीच रूस में लोगों को फेसबुक चलाने में काफी कठिनाई हो रही है। उसके इस कदम से रूस के विज्ञापनदाता दुनिया में कहीं भी फेसबुक पर विज्ञापन नहीं दे पाएंगे। मेटा ने कहा कि रूसी सरकार के फैसले से लाखों नागरिक विज्ञापन के जरिए जानकारी प्राप्त करने से वंचित रहेंगे।

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संसद में पास किया गया बिल
मामले की शुरुआत तब हुई जब रूस की संचार एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने अक्टूबर 2020 से फेसबुक द्वारा रूसी मीडिया और सूचना संसाधनों के साथ भेदभाव के 26 मामलों का हवाला देते हुए पिछले हफ्ते फेसबुक पर रोक लगा दी। इससे पहले रूसी संसद ने देश के सशस्त्र बलों के बारे में फर्जी खबर फैलाने के खिलाफ एक नया बिल पेश किया, जिसमें 15 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया। इसी बिल के तहत फेसबुक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जा सकता है। इससे पहले मेटा ने कहा था कि हमने फेसबुक पर रूसी सरकार द्वारा नियंत्रित मीडिया वेबसाइटों के लिंक वाले पोस्ट को कम करना शुरू कर दिया है। हम इन लिंक को लोगों को शेयर करने या उन पर क्लिक करने से पहले जागरूक करेंगे कि वे रूस नियंत्रित मीडिया साइट्स पर कम जाएं। 

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