बीते छह सितंबर को तालिबान ने पंजशीर पर कब्जे का दावा किया था। इसके बाद तालिबान ने अफगानिस्ताान में नई सरकार का ऐलान किया था। 

काबुल। तालिबान सरकार के गठन समारोह से रूस ने दूरी बना ली है। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय से बताया गया कि रूस अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के समारोह में शिरकत नहीं करेगा। हालांकि, कुछ दिन पहले रूस अपर हाउस के प्रवक्ता ने कहा था कि रूस के राजदूत स्तर के अधिकारी तालिबान सरकार के शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लेंगे। 

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तालिबान ने गिने चुने देशों को भी शपथ ग्रहण में आमंत्रित किया 

तालिबान ने सरकार के शपथग्रहण में गिने-चुने देशों को ही आमंत्रित किया है। इसमें रूस, पाकिस्तान, चीन, तुर्की, कतर, ईरान शामिल है। 

6 सितंबर को हुआ था सरकार बनाने का ऐलान

बीते छह सितंबर को तालिबान ने पंजशीर पर कब्जे का दावा किया था। इसके बाद तालिबान ने अफगानिस्ताान में नई सरकार का ऐलान किया था। 

मंत्रिमंडल में आधे से अधिक मोस्ट वांटेड आतंकवादी

दरअसल, तालिबान ने 33 सदस्यीय मंत्रिमंडल का ऐलान किया था। जानकारों के अनुसार इसमें आधी संख्या ऐसे मंत्रियों की है जो दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी हैं। तालिबान ने गृह मंत्रालय का जिम्मा जिसे सौंपा है वह अमेरिका का पचास लाख डॉलर का इनामी आतंकवादी है। 

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