नाइजीरिया सरकार ने भारतीय सोशल मीडिया कंपनियां Koo पर आधिकारिक अकाउंट बनाया है। नाइजीरिया के इस कदम को ट्विटर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ दिन पहले नाइजीरिया में ट्विटर को बैन कर दिया गया था। हाल ही में यहां Koo लॉन्च किया गया है। Koo नाइजीरिया की स्थानीय भाषाओं को भी इसमें जोड़ रहा है। 

नाइजीरिया. नाइजीरिया सरकार ने भारतीय सोशल मीडिया कंपनियां Koo पर आधिकारिक अकाउंट बनाया है। नाइजीरिया के इस कदम को ट्विटर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ दिन पहले नाइजीरिया में ट्विटर को बैन कर दिया गया था। हाल ही में यहां Koo लॉन्च किया गया है। Koo नाइजीरिया की स्थानीय भाषाओं को भी इसमें जोड़ रहा है। 

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 नाइजीरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड किया है। नाइजीरिया के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि ट्विटर का इस्तेमाल देश के कॉरपोरेट को नीचा दिखाने के लिए किया जा रहा है। इसलिए सरकार ने ट्विटर को अनश्चितकाल के लिए सस्पेंड करने का ऐलान किया है। 

राष्ट्रपति का ट्वीट डिलीट करने के बाद उठाया गया कदम
माना जा रहा है कि नाइजीरिया सरकार की यह बदले की कार्रवाई है। दरअसल, ट्विटर ने दो दिन पहले ही नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी के आधिकारिक अकाउंट को डिलीट कर दिया था। ट्विटर का कहना था कि राष्ट्रपति ने नियमों को तोड़ा। 

राष्ट्रपति ने किया था विवादास्पद ट्वीट
नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बुहारी ने सिविल वार को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने इसमें दक्षिण-पूर्व में हुई हिंसा का जिक्र किया था। करीब 50 साल पहले 30 महीने तक चले इस सिविल वार में 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। 

राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा था कि आज जो भी लोग गलत बर्ताव कर रहे हैं, वो नाइजीरियाई गृह युद्ध की जानकारी को लेकर काफी युवा हैं। उन्हें यह जानकारी नहीं है कि उस वक्त कितनी जानें गई थीं और कितना नुकसान हुआ था। हम 30 महीने तक मैदान में रहे थे और इस बार भी उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। ट्विटर ने इस बयान को हटाते हुए इसे नियमों के खिलाफ बताया था।