न्यूजीलैंड में खालिस्तान समर्थक तीन कट्टरपंथियों को हत्या की कोशिश मामले में दोषी करार दिया गया है। यह मामला 23 दिसंबर 2020 का है। तीनों ने न्यूजीलैंड में भारतीय मूल के रेडियो होस्ट की हत्या की कोशिश की थी। 

Khalistan Extremist New Zealand. न्यूजीलैंड में तीन खालिस्तान कट्टरपंथियों को हत्या की कोशिश के मामले में दोषी करार दिया गया है। यह घटना 23 दिसंबर 2020 की है, जब हरनेक सिंह नाम के रेडियो होस्ट पर जानलेवा हमला किया गया था। घटना के वक्त पीड़िता ड्राइव कर रहा था और धार्मिक कट्टरपंथियों के समूह ने उस पर हमला कर दिया। कट्टरपंथियों ने उस पर 40 वार किए थे, जिसके लिए सर्जरी के वक्त करीब 350 स्टीच लगानी पड़ी थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

हत्या की कोशिश मामले में तीन को सजा

न्यूजीलैंड की कोर्ट ने हत्या की कोशिश के मालमे में 27 वर्षीय सर्वजीत सिंह, 44 वर्षीय सुखप्रीत सिंह और एक 48 वर्षीय व्यक्ति को दोषी करार दिया है। जजमेंट में पाया गया है कि तीनों ने मिलकर प्लानिंग के साथ यह हमला किया था। यह हमला इसलिए किया गया था क्योंकि हरनेक सिंह ने अपने रेडियो प्रोग्राम के दौरान अलगावादी गुटों का विरोध किया था। सुनवाई के दौरान जज मार्क वुलफोर्ड ने कम्यूनिटी प्रोटेक्शन और धार्मिक कट्टरता की बातों को गहराई के साथ समझा और हर बिंदु पर सोच समझ के बाद यह फैसला सुनाया है।

2020 में की गई थी हत्या की कोशिश

23 दिसंबर 2020 को हरनेक सिंह पर घात लगाकर हमला किया गया था। यह हमला इतना घातक था कि आरोपियों ने करीब 40 वार किए थे। पीड़ित को सर्जरी के दौरान करीब 350 टांके लगाए गए ताकि जान बचाई जा सके। जज ने कहा कि इस तरह का हमला बताता है कि ये धर्मांधता में कितने लीन हैं। कम्यूनिटी को सुरक्षा का अधिकार है लेकिन हिंसा की कोई जगह नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि हरनेक सिंह को नेक्की के नाम से जाना जाता है। हरनेक की किसी तरह से जान बच पाई थी क्योंकि हमलावरों ने इतने वार किए थे कि वह जिंदा नहीं बचता। लेकिन सही समय पर हरनेक कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकला और आसपास के लोगों की मदद से तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया गया जिसकी वजह से उसकी जान बच पाई।

यह भी पढ़ें

हायर स्टडी के लिए लंदन गया था भारतीय युवक, टेम्स नदी में लाश मिलने से फैली सनसनी