वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी आतंकियों ने एक रिफ्यूजी कैंप में दो लोगों की हत्या कर दी। दोनों पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया। उनके शवों को सड़क पर घसीटा गया फिर बिजली के पोल से टांग दिया गया। 

तेल अवीव। फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास और इजरायल के बीच चल रही लड़ाई (Israel Hamas War) में इन दिनों संघर्षविराम चल रहा है। इस बीच वेस्ट बैंक से बड़ी खबर सामने आई है। यहां फिलिस्तीनी आतंकियों ने एक रिफ्यूजी कैंप में दो लोगों की हत्या इजरायल के लिए मुखबिरी करने के आरोप में कर दी। इसके बाद भीड़ ने शव के साथ दरिंदगी की। दोनों शवों को भीड़ में शामिल लोगों ने लात मारे, उन्हें घसीटा और बिजली के खंभे से टांग दिया। घटना शनिवार की है।

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मारे गए लोगों के शवों को भीड़ ने लात मारी। इसके बाद शवों को गलियों में घसीटा गया। बाद में उन्हें बिजली के खंभे पर लटका दिया गया। एक स्थानीय आतंकवादी समूह ने दो फिलिस्तीनियों पर 6 नवंबर को तुलकेरेम शरणार्थी शिविर में इजरायली सुरक्षा बलों की मदद करने का आरोप लगाया था। एक फिलिस्तीनी सुरक्षा अधिकारी के अनुसार शरणार्थी शिविर में छापे में तीन प्रमुख आतंकवादी मारे गए थे। मृतकों की पहचान 31 साल के हमजा मुबारक और 29 साल के आजम जुआबरा के रूप में की गई है।

शवों को सड़क पर घसीटा फिर बिजली के पोल से टांगा

दोनों की हत्या की गई, शवों को सड़क पर घसीटा गया फिर उनके गले में फंदा डालकर फांसी की शक्ल में बिजली के पोल से टांग दिया गया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं। इनमें भीड़ को गालियां देते हुए सुना जा सकता है। एक फुटेज में दोनों द्वारा इजराइली सेना के लिए काम करने की बात "कबूल" किए जाने का दावा किया गया है।

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इजरायली टीवी चैनल i24 न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार 'रेजिस्टेंस सिक्योरिटी' नाम के आतंकी संगठन ने दोनों की हत्या की जिम्मेदारी ली है। इस संगठन ने कहा है कि किसी भी मुखबिर या गद्दार के लिए कोई छूट नहीं है। अगर साबित होता है कि कोई उसके लड़ाकों पर हमले में शामिल है तो उसे मौत की सजा दी जाएगी। हालांकि, न तो हमास और न ही आईडीएफ ने दो लोगों की हत्या के बारे में कोई औपचारिक बयान दिया है।