कोरोना के खिलाफ पिछले साल मार्च से भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में लड़ाई छिड़ी हुई है। 6 महीने के लॉकडाउन के बाद देश में अनलॉक किया गया। इसके कुछ महीने बाद ही कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू किया गया।

नेशनल डेस्क. कोरोना के खिलाफ पिछले साल मार्च से भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में लड़ाई छिड़ी हुई है। 6 महीने के लॉकडाउन के बाद देश में अनलॉक किया गया। इसके कुछ महीने बाद ही कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन का प्रोग्राम शुरू किया गया। लेकिन, अब भी इससे मौतें हो रही हैं और पॉजिटिव केस आ रहे हैं। जहां लोगों के पॉजिटिव होने की खबरें आ रही थी, वहीं अब पाकिस्तान से खबर है कि सफेद बाघ के 11 सप्ताह के दो शावकों की मौत हो गई। अब ऐसे में इनकी मौत को लेकर कहा गया है कि इनमें कोरोना से संक्रमित होने की संभावना है।

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चिड़ियाघर के अधिकारियों ने दी जानकारी

चिड़ियाघर के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। गौरतलब है कि पाकिस्तान के चिड़ियाघर अपनी बदहाली के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। यहां जानवरों (Animals) की उचित देखभाल नहीं की जाती है। इस कारण सैकड़ों जानवरों की मौत हो जाती है। वहीं, देश में कोविड-19 (Covid-19) का भी खतरा है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये शावक (Cubs) वायरस से संक्रमित हो गए थे और इसलिए इनकी मौत हुई।

इस दिन हुई थी शावकों की मौत 

सफेद बाघ के इन दोनों शावकों की मौत लाहौर चिड़ियाघर में 30 जनवरी को हुई। दरअसल, अधिकारियों को लगा कि ये दोनों फेनल प्यूलुकोपेनिया वायरस (Feline Panleukopenia Virus) से संक्रमित थे। अधिकारी इसका ही इलाज कर रहे थे, लेकिन दोनों ने संक्रमण के चार दिन बाद ही दम तोड़ दिया। प्यूलुकोपेनिया वायरस (Feline Panleukopenia Virus) एक ऐसी बीमारी है, जो पाकिस्तान (Pakistan) में आम है। ये बीमारी बिल्लियों के इम्यून सिस्टम (Immune System) को नष्ट कर देती है, जो उनकी मौत का कारण बन जाता है।

शावकों की देखभाल करने वाला व्यक्ति निकला कोरोना पॉजिटिव

हालांकि, मौत के बाद जब शावकों के शवों की जांच की गई तो इसमें पता चला कि इनके फेफड़े बुरी तरह से खराब हो गए थे। ये दोनों गंभीर रूप से पॉजिटिव हुए थे। इसके बाद डॉक्टरों ने माना कि इनकी मौत कोविड-19 से हुई है। हालांकि, शावकों के पॉजिटिव होने पर इनकी कोरोना जांच नहीं की गई थी। चिड़ियाघर का मानना है कि शावक महामारी का शिकार हुए, जिसके चलते पाकिस्तान में अब तक 12,256 लोगों की मौत हो चुकी है।