Volodymyr Zelensky On Tariff: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत पर अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ को सही बताया है। उन्होंने कहा कि रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर पाबंदियां लगाना जरूरी है।  

Volodymyr Zelensky On Tariff: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भारत पर अमेरिका द्वारा 50% टैरिफ लगाने के फैसले को बिल्कुल सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि जो देश रूस के साथ व्यापार करते हैं उन पर पाबंदियां लगाना जरूरी है। जेलेंस्की के मुताबिक, रूस तेल और गैस बेचकर युद्ध के लिए पैसा जुटा रहा है इसलिए उस पर और उसके सहयोगियों पर सख्ती होनी चाहिए।

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क्या बोले वोलोदिमीर जेलेंस्की?

एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में जब उनसे मोदी, पुतिन और जिनपिंग के SCO समिट में एक साथ दिखने को लेकर सवाल पूछा गया तो जेलेंस्की ने कहा, “मुझे लगता है कि जो देश रूस के साथ कारोबार कर रहे हैं, उन पर टैरिफ लगाना एक अच्छा कदम है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि 3 हफ्ते पहले ट्रंप और पुतिन की अलास्का में मुलाकात हुई थी लेकिन उसके बाद भी हालात नहीं बदले। रूस अब भी यूक्रेन पर हमले कर रहा है।

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3 सितंबर को रूस ने 24 मिसाइलें दागीं

3 सितंबर को रूस ने रात भर में यूक्रेन पर 500 से ज्यादा ड्रोन और करीब 24 मिसाइलें दागीं थी। जेलेंस्की ने बताया कि इन हमलों का मुख्य निशाना नागरिक ढांचे, खासकर ऊर्जा से जुड़ी सुविधाएं थीं। रूस सर्दियों से पहले ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। यूक्रेनी वायुसेना के अनुसार, पश्चिमी और मध्य यूक्रेन सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए और इन हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भले ही युद्ध रोकने की कोशिशें की हों, लेकिन रूस ने हाल के महीनों में नागरिक इलाकों पर हवाई हमले और 1,000 किलोमीटर लंबी मोर्चेबंदी को तोड़ने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। जेलेंस्की ने हालांकि ट्रंप के युद्धविराम और पुतिन के साथ आमने-सामने शांति वार्ता के प्रस्ताव को मंज़ूर कर लिया, लेकिन क्रेमलिन ने इसे ठुकरा दिया।

रूस पर सख्त प्रतिबंध की मांग

एससीओ शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने चीन के शी जिनपिंग, उत्तर कोरिया के किम जोंग-उन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अमेरिका का कहना है कि ये देश रूस की युद्ध रणनीति को मदद पहुंचा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने रूस को हथियार और सैनिक दिए हैं, वहीं चीन और भारत ने रूस से तेल खरीदा है। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर कहा कि रूस पर सख्त रोक और पाबंदियाँ लगाई जाएँ। उन्होंने कहा, “पुतिन ताकतवर होने का दिखावा कर रहे हैं। असली वजह यह है कि उन पर पर्याप्त आर्थिक दबाव नहीं बनाया गया है। जब तक रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर सख्ती नहीं होगी, वह हमले जारी रखेगा।”