विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर आने की संभावनाएं जताई हैं। साथ ही WHO ने उन देशों को भी चेतावनी दी है, जिनमें संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। संगठन ने कहा, जिन देशों में मामले घट रहे हैं, वे सिर्फ देखते ही ना रहें, यहां केसों में अचानक वृद्धि हो सकती है।

जेनेवा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर आने की संभावनाएं जताई हैं। साथ ही WHO ने उन देशों को भी चेतावनी दी है, जिनमें संक्रमण के मामले कम हो रहे हैं। संगठन ने कहा, जिन देशों में मामले घट रहे हैं, वे सिर्फ देखते ही ना रहें, यहां केसों में अचानक वृद्धि हो सकती है। इसलिए सरकारें महामारी को रोकने के लिए तैयार रहें।

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कोरोना वायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। अब तक कोरोना के संक्रमण के 56 लाख केस सामने आ चुके हैं। वहीं, 3.48 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। WHO के इमरजेंसी चीफ डॉ माइक रेयान ने कहा, अभी दुनिया में कोरोना संक्रमण की पहली लहर का संकट है। हालांकि कई देशों में मामले घट रहे हैं। अमेरिका, दक्षिण एशिया और अफ्रीका में लगातार मामले बढ़ रहे हैं। 

और तेज हो सकती है कोरोना की दूसरी लहर
उन्होंने कहा, महामारी लहर की तरह आती है। यानी जहां मामले कम हो रहे हैं, वहां यह दोबारा आ सकती है। अगर अभी संक्रमण के पहले दौर को रोक लिया गया तो दूसरी लहर तेजी से संक्रमण फैला सकती है।

कदम उठाते रहें देश
WHO ने कहा, हमें यह समझना होगा कि महामारी दोबारा आ सकती है। हमें यह मानकर नहीं बैठना चाहिए कि मामले कम हो रहे हैं तो संकट कम हो रहा है। इसका दूसरा दौर आ सकता है। 

यूरोप के देश और अमेरिका को दी चेतावनी
रेयान ने कहा, अमेरिका और यूरोप के देशों को लगातार कोशिश करती रहनी चाहिए। जांच के साथ बचाव की रणनीति पर काम करने की जरूरत है। ताकि दूसरे दौर पर पहुंचने से रोका जा सके। कई यूरोपीय देशों और अमेरिकी राज्यों ने लॉकडाउन समेत कई जरूरी कदम नहीं उठाए, जिनसे संक्रमण को रोका जा सकता था। इन देशों ने अर्थव्यवस्था को देखते हुए किया।