दुनिया की सबसे पुरानी किताब की लंदन में नीलामी की गई। इस दौरान इस बुक को खरीदने के लिए लंबी बोलियां भी लगीं। अंत में 3 मिलियन पाउंड में ये किताब बिकी। 

लंदन। पुरानी और एंटीक चीजें बेशकीमती होती हैं। पुराने सिक्के, पुरानी घड़ी, पुराने स्टाम्प, पोस्टकार्ड आदि का कलेक्शन भी काफी लोग अपने पास संजोकर रखते हैं और समय आने पर उनको ऑक्शन में देते हैं जिनकी काफी अच्छी कीमत भी मिलती है। सैकड़ों, हजारों साल पहले की निजी संग्रह में दुनिया की सबसे पुरानी किताब जो कि अस्तित्व में सबसे शुरुआती दौर की रही है का लंदन में ऑक्शन हुआ। ऑक्शन में इस सबसे पुरानी किताब की कीमत 3 मिलियन पाउंड से भी अधिक लगाई है।

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1.7 मिलियन से शुरू हुई नीलामी
इस सबसे पुरानी किताब की नीलामी ऑनलाइन और पर्सनल खरीदारों ने 1.7 मिलियन पाउंड से शुरू की थी। क्रॉस्बी-शोयेन कोडेक्स की ओनरशिप पहले नॉर्वेजियन कारोबारी और एंटीक बुक कलेक्टर मार्टिन स्कोयेन के पास था। इसमें बाइबिल के दो ग्रंथों की सबसे पुरानी कॉपियां शामिल हैं। पहली ‘जोना की किताब’ और दूसरी ‘पीटर की पहली पत्री’। अंत में इस सबसे पुरानी किताब को 3 लाख 65 हजार पाउंड में बेचा गया। 

कोडेक्स की खोज 1950 के दशक में मिस्र के किसानों ने की थी। इसकी चौथी शताब्दी ईस्वी के आसपास एक भिक्षु ने नकल की थी जो अब मिस्र है। ऐसे में यह कम से कम 1,600 वर्ष पुराना प्रतीत होती है और गुटेनबर्ग बाइबिल जैसे अधिक प्रसिद्ध प्राचीन ग्रंथों से कहीं अधिक पुराना है। माना जा रहा है कि यह 1450 के दशक का है।

किताब में कॉप्टिक लिपि का प्रयोग
इस किताब में दो तरफा पेपिरस पत्तियों पर कॉप्टिक लिपि में लिखा गया है। यग अब एक प्लेक्सीग्लास प्लेटों के बीच संरक्षित रखा गया है। स्कोयेन संग्रह के 12 अतिरिक्त चुनिंदा टुकड़े भी साहित्यिक रत्न के साथ नीलाम किए गए। इसकी वेबसाइट पर किताब के पूरे कलेक्शन में 20000 से अधिक टुकड़े शामिल हैं जो 3,500 ईसा पूर्व से लेकर अब तक के 5000 वर्षों के इतिहास को दिखाता है।