विदुर नीति में कई अच्छी बातें बताई गई हैं। विदुर नीति के अनुसार धन का सही प्रबंधन और सही तरह से निवेश करना बहुत महत्वपूर्ण है।

उज्जैन. अगर धन का प्रबंधन सही तरह से किया जाए और सही से उसका निवेश किया जाए तो अवश्य ही लाभ मिलता है और धन में बढ़ोत्तरी होती है। आगे जानिए धन के संबंध में क्या कहती है विदुर नीति…

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सही तरीके से करें धन का प्रबंधन
विदुर नीति के अनुसार धन का संतुलन बनाने के लिए आय और व्यय सही तरह से किया जाना चाहिए और धन का सोच समझ कर उपयोग किया जाना चाहिए। इससे धन की बचत होती है और बढ़ोत्तरी भी होती है। धन को सदैव सही और आय बढ़ाने वाले कार्यों में लगाना चाहिए।

सोच-समझकर करें खर्च
धन का बचाव तभी हो सकता है जब मानसिक, शारीरिक एवं वैचारिक संयम बरता जाए। मतलब धन को शौक पूरा करने या बिना आवश्यकता के भौतिक सुखों की पूर्ति के लिए धन का गलत तरह से व्यय नहीं करना चाहिए। धन तभी खर्च करना चाहिए जब आवश्यकता हो।

दान करना भी जरूरी
विदुर नीति के अनुसार अगर व्यक्ति धन धान्य से परिपूर्ण है तो उसे दान अवश्य करना चाहिए। यह जीवन में सबसे बड़ा पुण्य होता है। दान करने वाले व्यक्ति का मान-सम्मान बढ़ता है। धन को बढ़ाने के लिए दान करना भी आवश्यक है, नहीं तो धन रखे रखे ही बर्बाद हो जाता है।

ऐसे धन का हो जाता है नाश
जो व्यक्ति न तो धन का सही तरह से भोग करता है, और न ही उसका दान करता है, तो ऐसे धन का नाश होना निश्चित होता है इसलिए धन का दान करना और उसे बुद्धिपूर्वक उपभोग करना आवश्यक होता है। एक जगह ठहरे हुए धन की आयु बहुत कम होती है।

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