युद्ध से यूक्रेन बर्बाद पर Exxon मोबिल कॉर्प ने कमाई का 14 सालों का तोड़ा रिकार्ड, 11 बिलियन डॉलर का लाभ

Published : Apr 05, 2022, 01:42 AM ISTUpdated : Apr 05, 2022, 02:14 AM IST
युद्ध से यूक्रेन बर्बाद पर Exxon मोबिल कॉर्प ने कमाई का 14 सालों का तोड़ा रिकार्ड, 11 बिलियन डॉलर का लाभ

सार

युद्ध ने यूक्रेन में बर्बादी की इबारत लिख दी लेकिन दुनिया की तमाम वैश्विक कंपनियों के लिए यह जंग मुनाफा लेकर आया है। एक्सॉन मोबिल कॉर्प ने रूस पर प्रतिबंध और बढ़ती तेल कीमतों की वजह से पहली तिमाही में रिकार्ड कमाई की है। कंपनी ने पिछले 14 सालों की कमाई के सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। 

न्यूयार्क। यूक्रेन-रूस युद्ध (Ukraine-Russia war) की वजह से तेज के दामों में तेजी आई है। एक्सॉन मोबिल कॉर्प (Exxon Mobil Corp) ने 2008 के बाद से सबसे हाई प्रॉफिट कमाने जा रही है। युद्ध की वजह से ग्लोबल कमोडिटी मार्केट (global commodity market) प्रभावित हुआ है जिसका लाभ एक्सॉन मोबिल कॉर्प को मिल रहा है। कंपनी को पहली तिमाही में 11 बिलियन डॉलर तक लाभ पहुंच सकता है। 

इस वजह से प्रॉफिट में आया उछाल

एक्सॉन (Exxon) की घोषणा है कि पहली तिमाही के परिणाम लगभग 11 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकते हैं। कंपनी को यह लाभ यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से व्यापार प्रतिबंधों, शिपिंग व्यवधानों और सप्लाई की बढ़ती मांग, उपलब्धता को लेकर तनाव की वजह से तेल उद्योग में मुनाफे में उछाल की वजह से आया है। 

हालांकि, बिजनेस में कोई मुनाफा अप्रत्याशित जोखिम के बिना नहीं आता है। राजनीतिक नेताओं ने ऊर्जा की आसमान छूती कीमतों और इसकी किल्लत के अंदेशे से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कुछ ने पहले से ही तेल ड्रिल करने वालों पर गॉजिंग और मुनाफाखोरी का आरोप लगाया है।

बिडेन ने दिए कई निर्देश...

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन (US President Joe Biden) ने पिछले हफ्ते उद्योग से नए कुओं में मुनाफे का पुनर्निवेश करने का अनुरोध किया ताकि रूसी कच्चे तेल से आपूर्ति के अंतर को कम करने में मदद मिल सके। उसी समय, उन्होंने संघ के स्वामित्व वाली तेल संभावनाओं से जुड़ी धीमी गति से चलने वाली परियोजनाओं के लिए वित्तीय दंड को दंडित करने की चेतावनी दी।

एक्सॉन की तो चांदी...

एक्सॉन ने सोमवार को कहा कि पहली तिमाही के नतीजे 2021 के अंतिम तीन महीनों के दौरान कमाई की तुलना में $ 2 बिलियन अधिक हो सकते हैं। कंपनी की एक फाइलिंग के अनुसार 8.8 बिलियन डॉलर की कमाई की थी।

दरअसल, कंपनी को तेल कीमतों में वृद्धि तो कमाई में उछाल होने की वजह है ही लेकिन प्राकृतिक गैस और मोटे रिफाइनिंग मार्जिन से भी कमाई में अप्रत्याशित वृद्धि में योगदान मिल रहा। तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का वायदा 14 साल के उच्च स्तर 140 डॉलर प्रति बैरल को छू गया।

एक्सॉन ने सरकारी और नियामक अनुमोदन प्राप्त करने के बाद औपचारिक रूप से गुयाना के तट पर $ 10 बिलियन येलोटेल विकास को मंजूरी दी। यह परियोजना स्टैब्रोएक ब्लॉक के रूप में जाने जाने वाले क्षेत्र में चौथी और सबसे बड़ी है, और 2025 में एक दिन में लगभग 250,000 बैरल पंप करने की उम्मीद है।

कंपनी को रूस में कारोबार समेटने का हुआ नुकसान

एक्सॉन ने यह भी खुलासा किया कि रूस के सुदूर पूर्व में सखालिन -1 ऑयल डेवलपमेंट से बाहर निकलने से 4 बिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। कंपनी ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रूस छोड़ने का वादा किया था और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डैरेन वुड्स ने यूक्रेन में देश के "अनावश्यक विनाश" के रूप में वर्णित किया था। न्यूयॉर्क में एक्सॉन के शेयर 0.7% गिरकर $82.55 11:23 पर आ गए।

यह भी पढ़ें

दक्षिण कोरिया, भारत और बरखा दत्त...पाकिस्तान की जनता को संबोधित करते इमरान खान ने किया कई बड़ी बातों का जिक्र

PMO में सीधी एंट्री पाने वाली कौन है फराह, जो बताती है बुशरा बीबी की दोस्त? पीएम आवास पर जादू टोना की क्या है हकीकत?

PREV

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

Recommended Stories

8th Pay Commission Alert: 12 फरवरी को बड़ा टकराव, क्या और क्यों ठप हो जाएंगी सरकारी सेवाएं?
Silver Crash: एक दिन में 25% गिरी चांदी, अब बुक करें या होल्ड-निवेशकों के लिए क्या रहेगा बेस्ट?