CBSE 12वीं की परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक सुनवाई टाली, जानें बोर्ड के पास कौन से दो विकल्प हैं?

Published : May 28, 2021, 10:55 AM ISTUpdated : May 28, 2021, 11:59 AM IST
CBSE 12वीं की परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक सुनवाई टाली, जानें बोर्ड के पास कौन से दो विकल्प हैं?

सार

सीबीएसई के पास 12वीं के एग्जाम कराने के 2 विकल्प हैं। पहला मुख्य विषयों की परीक्षा सेंटर्स पर कराए और इनके आधार पर दूसरे बचे विषयों में नंबर दिया जाए। दूसरा, सभी विषयों के लिए 90 मिनट का समय मिले। पेपर्स में सिर्फ ऑब्जेक्टिव या शॉर्ट सवाल हों। 45 दिन में एग्जाम कराने का लक्ष्य रखा जाए।

नई दिल्ली. सीबीएसई की 12वीं की परीक्षाओं को कैंसिल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी गई है। परीक्षा कैंसिल कराने के लिए 3 मई को ही अर्जी लगाई गई थी, जिसमें कैंसिल कराने के लिए जल्द से जल्द रिजल्ट देने की भी अपील की गई थी। याचिकाकर्ता वकील ममता शर्मा ने कहा कि जब कोर्ट वर्चुअल चलता है तो परीक्षा ऑफलाइन क्यों ली जाए? बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती है। 

एग्जाम कैंसिल कराने का क्या तर्क है?
- अधिकतर बच्चे और उनके माता-पिता एग्जाम कैंसिल कराने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि जीने का अधिकार। यानी कोरोना से जान का खतरा है। ऐसे में अगर बच्चे एग्जाम देने जाते हैं तो उन्हें संक्रमित होने का खतरा है। ऐसे में जो भी एग्जाम में शामिल होंगे कोरोना की वजह से उनकी जिंदगी पर खतरा है।
- सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि अभी तक 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। इससे उन्हें संक्रमण का ज्यादा खतरा है।
- याचिकाकर्ता ऑनलाइन एग्जाम के पक्ष में भी नहीं है। उनका तर्क है कि कई जगहों पर बच्चे गांव देहात में हैं। वहां एग्जाम देना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा।
- कुछ ने तर्क दिया की एग्जाम के घंटे कम करा दिए जाए। इसपर बच्चों और माता-पिता ने कहा कि कोरोना से संक्रमित होने के लिए तो एक मिनट भी काफी है। फिर एग्जाम चाहे 3 घंटे का हो या फिर इससे कम समय का, कोई फर्क नही पड़ेगा।

याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में मांग की गई है कि तय समयसीमा में ऑब्जेक्टिव मैथोडोलॉजी के आधार पर रिजल्ट घोषित किया जाए। इसके अलावा छात्रों की ऑनलाइन या ऑफलाइन कोई भी एग्जाम न हो। बिना एग्जाम के लिए रिजल्ट घोषित किया जाए। यानी सीबीएसई 12वीं की परीक्षा न कराए। 

4 राज्यों ने बिना एग्जाम रिजल्ट देने का रखा प्रस्ताव
पिछले हफ्ते केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक में दिल्ली सहित 4 राज्यों ने बिना एग्जाम रिजल्ट देने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अधिकांश राज्य परीक्षा कराने के पक्ष में है। इसी वजह से मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है।

सीबीएसई के पास क्या विकल्प है?
सीबीएसई के पास 12वीं के एग्जाम कराने के 2 विकल्प हैं। पहला मुख्य विषयों की परीक्षा सेंटर्स पर कराए और इनके आधार पर दूसरे बचे विषयों में नंबर दिया जाए। दूसरा, सभी विषयों के लिए 90 मिनट का समय मिले। पेपर्स में सिर्फ ऑब्जेक्टिव या शॉर्ट सवाल हों। 45 दिन में एग्जाम कराने का लक्ष्य रखा जाए।

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