करियर डेस्क. UPSC का इंटरव्यू फेस करना बड़ी बात होती है। यूपी के बाराबंकी जिले के आदर्श शुक्ला (Adarsh Shukla) ने यूपीएससी (UPSC) परीक्षा की तैयारी घर में रहकर की। 22 साल की उम्र में यह उनका पहला अटेम्पट था। जिसमें उन्हें 149वीं रैंक मिली। आदर्श शुरुआती दिनों से ही पढ़ाई में अव्वल रहे। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) के नतीजे 24 सितंबर, 2021 को जारी किए गए। फाइनल रिजल्ट (Final Result) में कुल 761 कैंडिडेट्स को चुना गया। Asianetnews Hindi 2020 में सिलेक्ट हुए 100 कैंडिडेट्स की सक्सेज जर्नी (Success Journey) पर एक सीरीज चला रहा है। इसी कड़ी में हमने आदर्श शुक्ला से बातचीत की। आइए जानते हैं आदर्श ने किस तरह से इंटरव्यू फेस किया, उनका इंटरव्यू करीब 25 मिनट तक चला था।
यूपीएससी की तैयारी के दौरान बहुत कुछ नया सीखा
आदर्श कहते हैं कि उनकी यूपीएससी तक की जर्नी एक संकल्प की जर्नी थी। उसे मेंटेन रखने के लिए उन्होंने हार्ड वर्क किया। इस यात्रा में नयी नयी चीजें सीखने को मिलीं। ऐसी बहुत सी चीजों के बारे में जानकारी हुई। जिनके बारे में उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि इस पूरी यात्रा में एक परिपक्वता और अवेयरनेस थी। इससे बहुत सारे अनुभव भी प्राप्त हुए। इस यात्रा ने एक बेहतर इंसान बनने में मदद की। वह यूपीएससी तक की अपनी यात्रा को इसी तरह याद करते हैं।
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बचपन से ही सिविल सर्विस में जाने का बनाया था मन
आदर्श ने बचपन से ही सिविल सर्विसेज में जाने का मन बनाया था। शुरुआती दिनों से ही वह इस बारे में पढ़ते थे तो उन्हें पता चलता था कि आईएएस की ऑथारिटी से काफी काम किया जा सकता है। परिवार की तरफ से भी एक्सपोजर मिलता था कि इस सर्विस में ऐसा होता है। उन्होंने इंटरनेट पर सर्च कर सिविल सर्विस के बारे में ज्यादा जानकारी एकत्रित की तो उन्हें पता चला कि यह सर्विस उनके लिए सही है। बस तभी से उन्होंने सिविल सर्विस में जानें का संकल्प लिया।
पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स एक्टिविटी को भी दिया समय
उनका कहना है कि तैयारी के बीच-बीच में निराशा आती है। कई बार ऐसा होता है कि दिमाग को फ्रेश करने की जरूरत पड़ती है तो पर जब परिवार साथ में हो तो निराशा को हराने में काफी मदद मिलती है। वह निराशा की स्थिति में अपना दिमाग अपनी हॉबीज की तरफ डायवर्ट कर लेते थे। कॉलेज के समय से ही आदर्श क्रिकेट खेलते रहे हैं। खेलने के बाद वह रिफ्रेश महसूस करते थे और फिर नई ऊर्जा के साथ परीक्षा की तैयारी में जुट जाते थे। वह अपनी स्पोर्टस की एक्टिविटी के साथ प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे।
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खुद को तनाव से दूर रखना व शांत रहना जरूरी
आदर्श ने इंटरव्यू के पहले ही यह तय किया था कि इंटरव्यू वाले दिन खुद को तनाव से दूर रखना है, शांत रहना है। ऐसी कोई चीज नहीं पढ़नी है और न ही देखना है, जिससे तनाव हो। खुद को एकदम कंपोज कर लिया था। उन्होंने यही तय किया था कि जिस सवाल का जवाब नहीं आता है। उस पर कहूंगा कि मुझे इसका जवाब नहीं आता है। उस पर एक दम ईमानदार रहूंगा।
खुद को इंफीरियर फील न करें
आदर्श कहते हैं कि युवाओं को कभी भी खुद को इंफीरियर फील नहीं करना चाहिए। कोई भी चीज पहली बार ही होती है। मेहनत करें, क्योंकि हार्ड वर्क का कोई विकल्प नहीं है। ज्यादा डिस्ट्रैक्शन नजरअंदाज करें। बहुत ज्यादा सोर्सेज के पीछे मत भागें। लाइफ को ज्यादा इंज्वाय करने के फेर में अपना कंसंट्रेशन न छोड़ें और साथ में परिवार और दोस्तों का सपोर्ट बनाए रखें तो सफलता निश्चित मिलेगी आप अपना सपना पूरा कर पायेंगे।
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बातचीत की तरह फेस किया इंटरव्यू
उनका कहना है कि इंटरव्यू के बारे में बाहरी दुनिया में जो बातें होती है। इंटरव्यू में ऐसा होता नहीं है, इंटरव्यू बहुत रिलेक्स माहौल में होता है। बोर्ड के सदस्य आपको कम्फर्ट फील कराते हैं। आदर्श कहते हैं कि इंटरव्यू में यही सोच कर गया था। जैसे वह अपने से बड़ों से बात करते हैं। बड़ों से वार्तालाप को वह सवाल-जवाब की तरह नहीं लेते हैं। उसी तरह इंटरव्यू को भी एक वार्तालाप की तरह लेना है। उनका इंटरव्यू कुल 25 मिनट चला था। उनसे ज्यादातर सवाल हॉबीज और पर्सनल लाइफ के बारे में पूछा गया था।
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सीमित सोर्स से पढ़ाई
उनका कहना है कि जिन लोगों को यूपीएससी क्रैक करने में कठिनाई होती है तो उनकी अपनी अलग-अलग कमियां होती हैं। किसी की मुख्य परीक्षा की तैयारी नहीं होती है। किसी के सवाल-जवाब लिखने की प्रैक्टिस में कमी होती है। सीमित सोर्स से पढ़ाई कर हम पहली बार में यूपीएससी निकाल सकते हैं। यदि हम हार्ड करें और खुद पर विश्वास रखें।