कोरोना के इलाज के लिए इन 4 आयुर्वेदिक दवाइयों का होगा ट्रायल, सरकार ने दी मंजूरी

Published : May 11, 2020, 10:24 AM IST
कोरोना के इलाज के लिए इन 4 आयुर्वेदिक दवाइयों का होगा ट्रायल, सरकार ने दी मंजूरी

सार

कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। देश में अब तक 67 हजार 161 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इससे अब तक 2212 लोगों की मौत हो गई है। इस बीच, सरकार ने कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 4 आयुर्वेदिक दवाइयों के ट्रायल की मंजूरी दी है।  

हेल्थ डेस्क। कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। देश में अब तक 67 हजार 161 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इससे अब तक 2212 लोगों की मौत हो गई है। इस बीच, सरकार ने कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 4 आयुर्वेदिक दवाइयों के ट्रायल की मंजूरी दी है। इन दवाइयों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की तुलना में ज्यादा असरदार माना गया है। सरकार ने आयुर्वेदिक दवा अश्वगंधा, यष्टिमधु, गुडूची-पिप्पली और एक पॉली हर्बल फॉर्मुलेशन के परीक्षण की मंजूरी दी है। यह परीक्षण आयुष, स्वास्थ्य, साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्रालय की एक संयुक्त पहल होगी, जिसे वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के साथ इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) का तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। 

आयुष मंत्रालय ने तैयार किया प्रोटोकॉल
आयुष मंत्रालय के एक इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट टास्क फोर्स ने इन दवाइयों के क्लिनिकल ट्रायल से जुड़े अध्ययनों के लिए रिसर्च प्रोटोकॉल तैयार किया है। इसके तहत कोविड -19 के से पीड़ित मरीजों की गहन जांच की जाएगी। देश भर में विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के जाने-माने विशेषज्ञ इसकी समीक्षा करेंगे। 

25 राज्यों में होगा ट्रायल
आयुष मंत्रालय कोरोना के संक्रमण की रोकथाम में आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रभाव का जनसंख्या आधारित अध्ययन करने जा रहा है। यह अध्ययन देशभर के 25 राज्यों में किया जाएगा। इसमें लगभग 5 लाख की आबादी को कवर किया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अध्ययन के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और इसके जरिए कोरोना का सफल इलाज संभव हो सकेगा।

संजीवनी मोबाइल ऐप
इसके पहले कोरोना को लेकर लोगों को जागरूक करने के मकसद से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) द्वारा विकसित आयुष संजीवनी मोबाइल ऐप लॉन्च किया था। इस मोबाइल एप्लिकेशन का मकसद 50 लाख लोगों तक पहुंचना और उन्हें कोरोना के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी देना है, ताकि वे इस महामारी से अपना बचाव कर सकें। 

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