
घर के बाहर पानी छींटने की परंपरा हमारे हिंदू धर्म में सालों से रही है। हिंदू धर्म में न सिर्फ घर की साफ सफाई के लिए मुख्य द्वार पर पानी छींटा जाता है, बल्कि इसका धार्मिक दृष्टिकोण हमारे पितरों से संबंधित है। बहुत से लोगों को यह नहीं पता है कि घर के मुख्य द्वार पर पानी छींटने से क्या होता है, लेकिन आज के इस लेख में हम आपको इसके एक या दो नहीं बल्कि कई फायदे बताएंगे। हालही में पंडित प्रदीप मिश्रा जी सीहोर वाले ने घर के मुख्य द्वार पर पानी डालने के फायदे के बारे में बताया है, चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
घर के बार पानी छींटने के फायदे
गरुण पुराण के तीसरे अंस में यह लिखा है कि सुबह-सुबह यदि हम उठकर घर के मुख्य द्वार पर पानी डालते हैं, तो इससे हमारे पितरों को तृप्ति मिलती है। सुबह के वक्त द्वार पर छींटा हुआ पानी हमारे पितरों को प्राप्त होता है। रात में जब पितर हमारे द्वार पर विश्राम करते हैं, और जब हम सुबह पानी डालते हैं, तो उसी पानी को पितर पी कर तृप्त होते हैं। पितर जब तृप्त होते हैं, तो वे हमें आशीर्वाद देते हैं और अपनी कृपा सदैव हम पर बनाए रखते हैं।
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कैसे छींटे पानी
सुबह के वक्त कहीं का भी पानी मुख्य द्वार पर नहीं छींटना चाहिए, यह पानी हमारे रसोई घर के मटके, हांडी या किसी बर्तन में रखा होना चाहिए। यह पानी साफ सुथरा और शुद्ध होना चाहिए। बता दें कि घर के मटके को परींडा कहा जाता है। परींडा का अर्थ है पितरों का स्थान, इसलिए सुबह के वक्त हमें इसी परींडा से पानी भरकर मुख्य द्वार पर छींटना चाहिए, ताकि हमारे पितरों को यह जल मिल सके और वे हमसे प्रसन्न रहे।
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