जिस F-15 पर अमेरिका को था गर्व, ईरान ने चीन की छोटी मिसाइल से गिरा दिया? रिपोर्ट में खुलासा

Published : May 31, 2026, 06:02 PM IST
Did a Chinese Missile Shoot Down a US F 15 New Report Raises Major Questions

सार

US F-15 crash, China Missile Claim: ईरान में दुर्घटनाग्रस्त अमेरिकी F-15 विमान को लेकर नई रिपोर्ट में चीन की क्या भूमिका बताई गई है? ईरान में दुर्घटनाग्रस्त अमेरिकी F-15 विमान को लेकर नई रिपोर्ट में चीन की क्या भूमिका बताई गई है? अगर जांच में चीन की कथित सैन्य मदद के दावे सही साबित होते हैं, तो अमेरिका-चीन संबंधों पर इसका क्या असर पड़ सकता है?

मध्य पूर्व की राजनीति में अक्सर ऐसे घटनाक्रम सामने आते हैं जो वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। अब एक नई रिपोर्ट ने अमेरिका, ईरान और चीन के बीच रिश्तों को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा किया जा रहा है कि दक्षिण-पश्चिमी ईरान में पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को संभवतः चीन में बनी कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और अमेरिकी जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं।

क्या कहती है नई रिपोर्ट?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अधिकारियों को आशंका है कि ईरान ने ऐसे सैन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया हो सकता है जो चीन से जुड़े हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि चीन ने ईरान को उन्नत निगरानी प्रणाली, लंबी दूरी के रडार और स्टेल्थ विमान पहचानने में मदद करने वाली तकनीक उपलब्ध कराई हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ऐसी तकनीक वास्तव में ईरान के पास मौजूद है, तो वह आधुनिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों की गतिविधियों पर पहले की तुलना में अधिक प्रभावी निगरानी रख सकता है।

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क्या होता है MANPADS?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष के दौरान संकेत दिया था कि विमान को एक कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइल से निशाना बनाया गया हो सकता है। ऐसे हथियारों को MANPADS (Man-Portable Air Defense Systems) कहा जाता है। ये छोटे, पोर्टेबल और अत्यधिक प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम होते हैं जिन्हें एक व्यक्ति भी संचालित कर सकता है। इनकी कुछ प्रमुख विशेषताएं:

  • कंधे पर रखकर दागी जा सकती हैं
  • कम ऊंचाई पर उड़ रहे विमानों और हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाती हैं
  • लंबाई लगभग 7 फीट तक हो सकती है
  • वजन करीब 40 पाउंड तक होता है
  • युद्ध क्षेत्रों में इनका व्यापक इस्तेमाल देखा जाता है

हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक यह सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है कि विमान को वास्तव में किस हथियार ने निशाना बनाया।

36 घंटे तक चला बचाव अभियान

विमान दुर्घटना के बाद अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। F-15E स्ट्राइक ईगल में दो क्रू सदस्य सवार थे। दुर्घटना से पहले दोनों ने सफलतापूर्वक पैराशूट के जरिए विमान से बाहर छलांग लगा दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट को लगभग सात घंटे के भीतर सुरक्षित खोज लिया गया था। वहीं दूसरे क्रू सदस्य, जो विमान में हथियार प्रणाली अधिकारी के रूप में तैनात थे, उन्हें तलाशने में काफी अधिक समय लगा। अमेरिकी सेना ने लगभग 36 घंटे तक लगातार अभियान चलाया। पायलट ईरान के जाग्रोस पर्वतीय क्षेत्र में छिपे रहे और करीब दो दिन बाद उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।

चीन की कथित भूमिका पर बढ़े सवाल

रिपोर्ट में सबसे महत्वपूर्ण सवाल चीन की संभावित भूमिका को लेकर उठाया गया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि कथित सैन्य उपकरण ईरान को कब और कैसे उपलब्ध कराए गए। लेकिन यदि जांच में यह साबित होता है कि ईरान ने चीन से जुड़े हथियार या तकनीक का इस्तेमाल किया, तो इसका असर अमेरिका-चीन संबंधों पर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि वॉशिंगटन इसे ईरान को अप्रत्यक्ष सैन्य समर्थन के रूप में देख सकता है। ऐसे समय में यह मुद्दा और संवेदनशील हो जाता है जब अमेरिका और चीन कई रणनीतिक मुद्दों पर पहले से आमने-सामने हैं।

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच क्या हुई थी बात?

दिलचस्प बात यह है कि इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा है। ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इस आश्वासन पर विश्वास है और उन्होंने इसके लिए शी जिनपिंग की सराहना भी की थी। अब सामने आई रिपोर्टों ने उस बयान के बाद नई बहस छेड़ दी है। हालांकि फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच पूरी होने का इंतजार किया जा रहा है।

जांच पूरी होने तक कई सवाल अनुत्तरित

F-15 विमान दुर्घटना की जांच अभी जारी है और अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि विमान वास्तव में किसी चीनी मिसाइल से गिराया गया था या नहीं। लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति, अमेरिका-ईरान टकराव और चीन की क्षेत्रीय भूमिका को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और आधिकारिक बयान इस पूरे मामले की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकते हैं।

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