America Iran War Prediction In Hindi: वर्तमान में अमेरिका और इजराइल साझा रूप से ईरान पर हमले कर रहे हैं। जिसके चलते पूरे मिडिल ईस्ट में जंग की स्थिति बनी हुई है। ये स्थिति कब तक रहेगी और इसमें किसका पलड़ा भारी रहेगा, ये हम ज्योतिष के जरिए जान सकते हैं।

Middle East War 2026: इस समय मिडिल ईस्ट जंग के हालत में जी रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर ईरान भी अन्य देशों जैसे बहरीन, कुवैत आदि देशों में बने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को तबाह कर रहा है। धीरे-धीरे ये स्थिति और ज्यादा भयावह होती जा रही है। अगर ये स्थिति जल्दी ही सामान्य नहीं हुई तो पूरी दुनिया तीसरे विश्व युद्ध का नजारा देख सकती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानें आगे इस युद्ध में क्या स्थिति बन सकती है…

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पंचग्रही योग में शुरू हुआ था युद्ध

ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार 28 फरवरी को अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था। उस समय कुंभ राशि में पंचग्रही योग बना हुआ था यानी सूर्य, मंगल, बुध, राहु और सूर्य एक साथ थे। मंगल (युद्ध और आक्रामकता का कारक) और राहु (विस्फोट, विदेशी और अचानक होने वाली घटनाओं का कारक) है। इन दोनों ग्रहों के साथ होने से भयंकर 'अंगारक योग' बना। वायु तत्त्व की राशि में अंगारक योग का निर्माण हवाई हमलों को दर्शाता है।

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आगे स्थिति और बिगड़ेगी

वर्तमान में ग्रहों की स्थिति पर नजर डाली जाए तो 15 मार्च को सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुका है, जहां शनि पहले से स्थित है। सूर्य सत्ता का कारक है और शनि जनता का। इन दोनों ग्रहों का साथ होना देश-दुनिया में मानसिक दबाव, आर्थिक अस्थिरता और कूटनीतिक उलझनों को दर्शाता है। 11 मार्च से देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी हो चुके हैं, जो बताते हैं कि ये युद्ध इतनी जल्दी समाप्त नहीं होगा।

14 अप्रैल के बाद सुधरेगी स्थिति

अप्रैल 2026 में मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर रहेगा, जब मंगल मीन राशि में प्रवेश कर शनि के साथ युति बनाएगा। इन दोनों ग्रहों की युति से यम योग की स्थिति बनेगी। अप्रैल के मध्य तक का समय भीषण सैन्य संघर्ष का संकेत दे रहा है। इस दौरान युद्ध विनाशकारी मोड़ पर जा सकता है। 14 अप्रैल के आसपास जब सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में प्रवेश करेगा और मंगल का शनि के साथ घर्षण कम होने लगेगा। तब अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के कारण युद्ध विराम की स्थिति बनेगी।


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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।