3 मार्च, शुक्रवार को पहले पुनर्वसु नक्षत्र होने से लुंबक और इसके बाद पुष्य नक्षत्र होने से उत्पात नाम के 2 अशुभ योग इस दिन बनेंगे। इसके अलावा सर्वार्थसिद्धि, सौभाग्य और शोभन नाम के 3 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे।  

उज्जैन. हिंदू पंचांग के अनुसार, एक सप्ताह में 7 दिन होते हैं। सप्ताह की शुरूआत सोमवार से होती है, जिसका स्वामी भगवान शिव को को माना जाता है। इसी तरह मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार के भी अलग-अलग स्वामी हैं और ये सभी वार विभिन्न ग्रहों से भी संबंधित हैं। पंचांग बनाते समय वार का भी ध्यान रखा जाता है। ये पंचांग के 5 अंगों में से एक है। आगे आज के पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय…

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आमलकी एकादशी और नृसिंह द्वादशी आज
धर्म ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं और द्वादाशी को भगवान नृसिंह की पूजा करने का विधान है। इस बार ये दोनों ही व्रत 3 मार्च को किए जाएंगे। आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु और नृसिंह की पूजा विशेष रूप से की जाती है। ये उत्सव होलाष्टक के अंतर्ग मनाए जाते हैं।

3 मार्च का पंचांग (Aaj Ka Panchang 3 March 2023)
3 मार्च 2023, दिन शुक्रवार को फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 09.11 तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ हो जाएगी, जो पूरे दिन रहेगी। इस दिन आमलकी एकादशी और नृसिंह द्वादशी दो व्रत किए जाएंगे। शुक्रवार को पुनर्वसु नक्षत्र शाम 03:43 तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। शुक्रवार को पहले पुनर्वसु नक्षत्र होने से लुंबक और इसके बाद पुष्य नक्षत्र होने से उत्पात नाम के 2 अशुभ योग इस दिन बनेंगे। इसके अलावा सर्वार्थसिद्धि, सौभाग्य और शोभन नाम के 3 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल सुबह 11:12 से दोपहर 12:39 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
शुक्रवार को चंद्रमा मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन बुध, सूर्य और शनि कुंभ राशि में, शुक्र और गुरु मीन राशि में, मंगल वृष राशि में, केतु तुला राशि में और राहु मेष राशि में रहेगा। शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। अगर यात्रा करना जरूरी हो तो जौ या राईं खाकर घर से बाहर निकलें।

3 मार्च के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- फाल्गुन
पक्ष- शुक्ल
दिन- शुक्रवार
ऋतु- शिशिर
नक्षत्र- पुनर्वसु और पुष्य
करण- विष्टि और बव
सूर्योदय - 6:50 AM
सूर्यास्त - 6:26 PM
चन्द्रोदय - Mar 03 2:57 PM
चन्द्रास्त - Mar 04 4:55 AM
अभिजीत मुहूर्त- 12:15 PM – 01:02 PM

3 मार्च का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 3:33 PM – 5:00 PM
कुलिक - 8:18 AM – 9:45 AM
दुर्मुहूर्त - 09:10 AM – 09:56 AM और 01:02 PM – 01:48 PM
वर्ज्यम् - 12:42 AM – 02:30 AM



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