30 अप्रैल, रविवार को पहले मघा नक्षत्र होने से मुद्गर और उसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने से छत्र नाम का योग बनेंगे। इनके अलावा वृद्धि और ध्रुव नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल शाम 5:13 से 6:50 तक रहेगा। 

उज्जैन. पंचांग बनाते समय करण का भी ध्यान रखा जाता है। ये तिथि का आधा भाग होता है, इनकी संख्या 11 है। इनके नाम इस प्रकार हैं- बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न। इसी प्रकार पंचांग बनाने में वार भी महत्वपूर्ण है। इनके नाम इस प्रकार हैं- सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और रवि। आगे पंचांग से जानिए आज कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे, कौन-सा ग्रह किस राशि में रहेगा और राहु काल व अभिजीत मुहूर्त का समय…

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

30 अप्रैल का पंचांग (Aaj Ka Panchang 30 April 2023)
30 अप्रैल 2023, दिन रविवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पूरे दिन रहेगी। रविवार को मघा नक्षत्र दोपहर 03.30 तक रहेगा, इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रात अंत तक रहेगा। रविवार को पहले मघा नक्षत्र होने से मुद्गर और उसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र होने से छत्र नाम का योग बनेंगे। इनके अलावा वृद्धि और ध्रुव नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल शाम 5:13 से 6:50 तक रहेगा।

ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी…
रविवार को चंद्रमा सिंह राशि में, शुक्र वृषभ राशि में, सूर्य, राहु, गुरु और बुध (वक्री) मेष राशि में, शनि कुंभ राशि में और केतु तुला में रहेगा। रविवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दलिया, घी या पान खाकर ही घर से निकलें।

30 अप्रैल के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2080
मास पूर्णिमांत- वैशाख
पक्ष- शुक्ल
दिन- रविवार
ऋतु- वसंत
नक्षत्र- मघा और पूर्वा फाल्गुनी
करण- तैतिल और गर
सूर्योदय - 5:58 AM
सूर्यास्त - 6:49 PM
चन्द्रोदय - Apr 30 2:13 PM
चन्द्रास्त - May 01 3:15 AM
अभिजीत मुहूर्त - 11:58 AM – 12:49 PM

30 अप्रैल का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 12:24 PM – 2:00 PM
कुलिक - 3:37 PM – 5:13 PM
दुर्मुहूर्त - 05:06 PM – 05:58 PM
वर्ज्यम् - 12:17 AM – 02:03 AM


ये भी पढ़ें-

Buddha Purnima 2023: बुद्ध पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण का साया, जानें किस दिन होगा ये दुर्लभ संयोग?


Badrinath Temple: कितनी चाबियों से खुलता है बद्रीनाथ मंदिर, पहले कौन करता है पूजा, कैसा है प्रतिमा का स्वरूप?


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।