PM E-DRIVE स्कीम मार्च 2028 तक लागू रहेगी। सरकार ने 9,940 करोड़ रुपये का बजट रखा है। जानिए इलेक्ट्रिक बाइक, स्कूटर, थ्री-व्हीलर और कार पर कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस वाहन पर अधिकतम छूट का लाभ मिलेगा।

इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने PM E-DRIVE स्कीम को मंजूरी दे दी है, जो मार्च 2028 तक लागू रहेगी। इस स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी दी जाएगी, जिसके लिए सरकार ने कुल 9,940 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।

यह स्कीम पुरानी FAME-II योजना की जगह लेगी, जो 31 मार्च 2024 को खत्म हो गई थी। FAME-II के बाद एक छोटी अवधि के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (EMPS) 2024 भी लाई गई थी, जो 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2024 तक चली। अब PM E-DRIVE स्कीम लंबी अवधि के लिए ईवी सेक्टर को बूस्ट देगी।

किस गाड़ी पर कितनी मिलेगी छूट?

नई स्कीम के तहत अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों पर मिलने वाली छूट भी तय कर दी गई है। अगर आप इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदते हैं, तो आपको प्रति किलोवॉट-घंटा (kWh) 2,500 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। हालांकि, एक गाड़ी पर यह छूट अधिकतम 5,000 रुपये तक ही सीमित होगी।

वहीं, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए यह सब्सिडी काफी ज्यादा है। इन पर प्रति kWh 5,000 रुपये की छूट का प्रावधान है, जो अधिकतम 50,000 रुपये तक जा सकती है। चारपहिया इलेक्ट्रिक कारों पर सरकार प्रति kWh 10,000 रुपये की सब्सिडी देगी, जिसकी ऊपरी सीमा 1,50,000 रुपये रखी गई है।

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सरकार का फोकस कहां?

सरकार का लक्ष्य इस स्कीम के जरिए सिर्फ गाड़ियां बिकवाना नहीं, बल्कि भारत को ईवी मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है। स्कीम का मकसद एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना और ईवी सप्लाई चेन में निवेश को आकर्षित करना है। बजट के बंटवारे से सरकार की प्राथमिकता साफ झलकती है।

कुल 9,940 करोड़ रुपये के बजट में से सबसे बड़ा हिस्सा, यानी 4,935 करोड़ रुपये, दोपहिया वाहनों के लिए रखा गया है। इसके बाद तिपहिया वाहनों के लिए 3,048 करोड़ रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 1,575 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यानी सरकार का पूरा जोर आम आदमी के इस्तेमाल में आने वाले दोपहिया और तिपहिया वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने पर है।

इसके अलावा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 266 करोड़ रुपये और स्कीम के बारे में जागरूकता फैलाने व प्रशासनिक खर्चों के लिए 116 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम FAME-II स्कीम की सफलता को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है, जिसका बजट 11,500 करोड़ रुपये था और जिसके तहत लाखों इलेक्ट्रिक वाहनों को सपोर्ट मिला।

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