बिहार में अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ा हुआ है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब वे जज से भी रंगदारी मांग रहे हैं। मुजफ्फरपुर में पदस्थापित एक जज से बदमाशों ने 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी है।  

मुजफ्फरपुर। निबंधित डाक से पत्र भेज कर मुजफ्फरपुर कोर्ट के एडीजे-14 राकेश मालवीय से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई है। जज को भेजे गए पत्र में अपराधियों ने लिखा कि यदि 10 लाख रुपए नहीं मिले तो कोर्ट में घुसकर सीने में सात गोलियां मार देंगे। 9 जनवरी को एडीजे राकेश मालवीय को यह पत्र मिला। इस पत्र के आधार और कोर्ट के नाजिर नकुल प्रसाद नवीन के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पत्र को मिलने के बाद एडीजे राकेश मालवीय ने मामले की जानकारी जिला जज को दी और छुट्टी पर चले गए। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

अनिल और पवन के नाम से मांगी रंगदारी
रंगदारी मांगे जाने वाले पत्र में बदमाशों ने 10 लाख रुपए दो-दो हजार रुपए के नोट की शक्ल में मांगे। अपराधियों ने 14 जनवरी की शाम पांच बजकर पांच मिनट पर सदर अस्पताल के गेट पर पैसा पहुंचाने की बात कही गई थी। पत्र में रंगदारी मांगने वाले अपराधी का नाम अनिल और पवन बताया गया है। पत्र में बताया गया कि दोनों अपराधी अभी जेल में बंद है। पत्र में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। एसएसपी जंयत कांत ने बताया कि जांच चल रही है। सर्विलांस सेल मोबाइल नंबर पर नजर बनाए है। 

पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर और पत्ता फर्जी
केस के जांच में जुटी पुलिस का मानना है कि रंगदारी वाले पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर और पता फर्जी है। पत्र में दिए मोबाइल नंबर के धारक, अनिल, पवन ओर एके प्रसाद को मामले में आरोपी बनाया गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि पत्र में दिए गए अनिल और पवन कौन है। दूसरी ओर जिले में अनिल और पवन नामक दो कुख्यात अपराधी है। एक को हाल ही में मर्डर केस में सजा हुई है। जबकि दूसरा 50 हजार का इनामी अपराधी है। पत्र भेजकर रंगदारी मांगने की ऐसी घटनाएं बिहार के अन्य शहरों में भी हुई है लेकिन किसी जज से इस तरह से रंगदारी मांगने की ये शायद पहली घटना है।