अडानी ग्रुप ने गूगल के साथ बड़ी डील की है, जिसके तहत विशाखापट्टनम में विशाल डेटा सेंटर बनेगा। यह पार्टनरशिप भारत में AI क्रांति को नई रफ्तार देगी। 

Adani Group AGM 2026 Updates: अडानी ग्रुप की सालाना मीटिंग (AGM) में चेयरमैन और बिजनेस किंग गौतम अडानी ने इस बार देश और दुनिया के सामने एक ऐसा रोडमैप रखा है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपना दबदबा बनाने के लिए अडानी ग्रुप ने टेक दिग्गज गूगल (Google) के साथ एक बड़ी डील कर लिया है। परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) से लेकर भारतीय सेना के लिए मिसाइलें बनाने तक अडानी 10 साल का बड़ा प्लान लेकर चल रहे हैं। आइए जानते हैं उनका फ्यूचर प्लान और उन्होंने इस बार की मीटिंग में क्या-क्या कहा...

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Google के साथ अडानी की बड़ी डील

आज के समय में AI, चैटबॉट्स और बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों को चलाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरत होती है डेटा सेंटर्स (Data Centres) की। डेटा सेंटर जितने बड़े होंगे, तकनीक उतनी ही तेज चलेगी। अडानी ने इसी मौके को लपक लिया है। अडानी ग्रुप ने गूगल के साथ हाथ मिलाया है, जिसके तहत विशाखापट्टनम में एक बहुत बड़ा (गीगावाट स्केल) डेटा सेंटर प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य साल 2030 तक 3 गीगावाट (GW) का विशाल डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म खड़ा करना है। इस पार्टनरशिप पर बोलते हुए गौतम अडानी ने एक बहुत ही दमदार बात कही, जिसने खूब सुर्खियां बटोरीं, उन्होंने कहा- 'इंफ्रास्ट्रक्चर से किसी देश को ताकत (मसल) मिलती है, और इंटेलिजेंस (AI) से उस देश को दुनिया पर महारत हासिल होती है।'

न्यूक्लियर पावर में अडानी की एंट्री

डेटा सेंटर्स और AI की बड़ी-बड़ी मशीनों को चौबीसों घंटे बिना रुके भारी मात्रा में बिजली चाहिए होती है। इस बिजली संकट को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए अडानी ने एक बड़ा रणनीतिक प्लान बनाया है। अडानी ग्रुप ने आधिकारिक तौर पर एटॉमिक एनर्जी यानी परमाणु ऊर्जा के बिजनेस में कदम रख दिया है। इसके लिए बाकायदा जमीन भी फाइनल कर ली गई है। कंपनी का लक्ष्य साल 2035 तक 10 गीगावाट (GW) परमाणु बिजली पैदा करने का है। बिजली की कमी को पूरा करने के लिए अडानी पावर अगले 5 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करके अपनी क्षमता 45 गीगावाट तक ले जाएगी। इसके अलावा, पड़ोसी देश भूटान के साथ मिलकर 5,000 मेगावाट का हाइड्रो प्रोजेक्ट भी शुरू किया जा रहा है।

हमने तब बनाया, जब बनाना सबसे मुश्किल था- अडानी

पिछले कुछ समय में अडानी ग्रुप को कई तरह के कड़े इम्तिहानों और जांच के दौर से गुजरना पड़ा। अपने आलोचकों को सीधा जवाब देते हुए गौतम अडानी ने कहा, 'हमने तब निर्माण किया, जब हमारे लिए निर्माण करना सबसे कठिन था।' तमाम मुश्किलों और भारी दबाव के बाद भी अडानी ग्रुप के वित्तीय आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि उनकी रफ्तार रुकी नहीं है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 7.4% बढ़कर ₹2.92 लाख करोड़ हो गया है। टैक्स काटने के बाद कंपनी का साफ मुनाफा करीब 14% बढ़कर ₹46,376 करोड़ पर पहुंच गया है। इस साल भारत में प्राइवेट सेक्टर की तरफ से जितने भी नए निवेश (Capital Expenditure) हुए हैं, उसका अकेले 30% से ज्यादा हिस्सा (₹1.5 लाख करोड़) अडानी ग्रुप ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया है।

भारतीय सेना के मददगार और पोर्ट-एयरपोर्ट के 'बॉस'

  • मीटिंग के दौरान अडानी ने रक्षा क्षेत्र और ट्रांसपोर्टेशन में अपनी बड़ी कामयाबियों का जिक्र किया। 'ऑपरेशन सिंदूर' में अडानी ग्रुप के बनाए गए घातक ड्रोन्स, एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइलें और गोला-बारूद ने भारतीय सेना का पूरा साथ दिया। अब कंपनी हेलिकॉप्टर और विमान बनाने के लिए विदेशी दिग्गजों (Leonardo और Embraer) के साथ पार्टनरशिप कर रही है।
  • अडानी पोर्ट्स ने एक साल में 500 मिलियन टन से ज्यादा का कार्गो संभाला है और 2030 तक इसे 1 अरब टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
  • नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम सिर्फ 4 साल के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है, जो हर साल 9 करोड़ यात्रियों को संभालने की ताकत रखता है।
  • समाज सेवा के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए अडानी फाउंडेशन अपने 30वें साल में अहमदाबाद और मुंबई में 'अडानी हेल्थ सिटी' कैंपस खोलने जा रहा है, ताकि ग्रामीण भारत तक बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकें।