अंशुला कांत ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से इकॉनोमिक आनर्स किया है। 

नई दिल्ली. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर अंशुला कांत को प्रमुख जिम्मेदारी मिली है। उन्हें वर्ल्ड बैंक ने मैनेजिंग डॉयरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाया है। वर्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट ने इसकी घोषणा की। सीएफओ कांत पर वर्ल्डबैंक ग्रुप के फाइनेंशियल और रिस्क मैनेजमेंट की जिम्मेदारी रहेगी। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कौन हैं अंशुला कांत

अंशुला का जन्म 7 सितंबर 1960 को उतराखंड के रुड़की में हुआ था। अंशुला कांत ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से इकॉनोमिक ऑनर्स किया है। इसके बाद दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। उनकी शादी साल 18 जनवरी 1984 को संजय कांत से हुई । उनको शास्त्रीय संगीत और सितार बजाना पंसद है। उनकी पसंदीदा किताब हार्पर ली की ''To kill a Mockingbird'' है। 58 साल की अंशुला कांत ने साल 1983 में एसबीआई बैंक में प्रोबेजनरी ऑफिसर के तौर पर ज्वाइन किया था। 7 सितंबर 2018 में उन्हें एसबीआई ने बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया। अंशुला का एक बेटा और एक बेटी है। बेटी नुपुर की शादी वाराणसी के संजय अग्रवाल से हुई है। बेटा सिद्धार्थ सिंगापुर में रहता है। अंशुला कांत को देश की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई की फाइनेंशियल मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए जाना जाता है। एसबीआई के सीएफओ के तौर पर वह 38 अरब डॉलर के रेवेन्यू और 500 अरब डॉलर का एसेट मैनेज कर चुकी हैं।

वर्ल्ड बैंक ने की तारीफ
वर्ल्डबैंक के प्रेसिडेंट डेविड मालपास ने अंशुला की नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा- ''अंशुला के पास 35 साल का एक्सपीरियंस है। उन्हें बैंकिंग, फाइनेंस का अनुभव है। सीएफओ के तौर पर उन्होंने एसबीआई में इनोवेटिव टेक्नोलॉजी का बखूबी इस्तेमाल किया है। रिस्क, ट्रेजरी फंडिंग और रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑपरेशन से जुड़ी लीडरशिप की चुनौतियों से निपटने में उनका प्रदर्शन शानदार है। उन्हें एसबीआई के कैपिटल बेस और लांग टर्म सस्टेनिबिलिटी की स्ट्रेटजी बनाने का श्रेय जाता है।''