Budget 2026 के बाद आपकी सैलरी कितनी बचेगी? TDS-TCS बदलाव का पूरा असर समझिए
Budget 2026 TDS-TCS Changes Impact: बजट में सरकार ने इनकम टैक्स को लेकर कई ऐसे बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर सैलरीड क्लास और मिडिल क्लास पर पड़ेगा। TDS-TCS बदलाव का असर आपकी कमाई पर होगा। जानिए इससे आपकी सैलरी कितनी बचेगी और क्या-क्या फायदा होगा?

TDS क्या होता है?
TDS (Tax Deducted at Source आयकर अधिनियम के तहत बनाई गई एक व्यवस्था है, जिसमें किसी तय भुगतान पर टैक्स पैसे देते समय ही काट लिया जाता है। जब कोई व्यक्ति या संस्था सैलरी, किराया, ब्याज, कमीशन या प्रोफेशनल फीस जैसी रकम किसी को देती है, तो वह तय दर के अनुसार पहले टैक्स काटती है और बाकी रकम भुगतान पाने वाले को देती है। टैक्स काटने वाले व्यक्ति को डिडक्टर (Deductor) और जिसका टैक्स कटता है उसे डिडक्टी (Deductee) कहा जाता है। बाद में यह कटा हुआ टैक्स सरकार के खाते में जमा कर दिया जाता है। TDS का मकसद यह है कि टैक्स वसूली कमाई के समय ही हो जाए, न कि बाद में।
TCS क्या होता है?
TCS (Tax Collected at Source) भी एक तरह का टैक्स सिस्टम है, जिसमें कुछ विशेष वस्तुओं (जैसे स्क्रैप, खनिज, लकड़ी) या सेवाओं (जैसे ई-कॉमर्स ऑपरेटर पेमेंट) के विक्रेता, बिक्री के समय खरीदार से तय प्रतिशत टैक्स वसूलते हैं और उसे सीधे सरकार के खाते में जमा कर देते हैं। यह टैक्स खरीदार के लिए अग्रिम टैक्स की तरह होता है, जिसे वह बाद में अपनी अंतिम आयकर देनदारी में समायोजित कर सकता है। TCS को आयकर अधिनियम (धारा 206C) और GST कानूनों के तहत नियंत्रित किया जाता है। इसका मकसद विशेष लेनदेन पर रीयल-टाइम टैक्स कलेक्शन करना, रेवेन्यू कलेक्ट करना और टैक्स चोरी को रोकना है। मतलब TCS वह टैक्स है जो सेलर बिक्री के समय खरीदार से वसूलकर सरकार को भेजता है।
बजट 2026 में क्या बदला?
विदेश पढ़ाई और इलाज पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इसके अलावा विदेशी टूर पैकेज पर भी TCS अब सिर्फ 2% लगेगा। इसका सीधा मतलब है कि अगर आप बच्चे को बाहर पढ़ाने का प्लान बना रहे हैं या विदेश घूमने का सोच रहे हैं तो अब पहले जितना भारी टैक्स नहीं कटेगा। यानी खर्च के वक्त आपकी जेब ज्यादा ढीली नहीं होगी।
Budget 2026: TDS का नया नियम क्या है?
अब तक कम TDS या जीरो टीडीएस के लिए अफसरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। बजट 2026 में यह झंझट लगभग खत्म कर दिया गया है। नए नियम के अनुसार, छोटे टैक्सपेयर्स को ऑनलाइन, ऑटोमैटिक तरीके से लो या जीरो टीडीएस (Nil TDS) का फायदा मिलेगा। इसके लिए किसी आवेदन की जरुरत नहीं होगी और ना ही किसी अफसर से मिलना पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा कम सैलरी वाले कर्मचारियों, फ्रीलांसर और सीनियर सिटिजन को होगा।
TDS-TCS में बदलाव से आपकी सैलरी कितनी बचेगी?
एक्स्पर्ट्स के अनुसार, TCS कम होने से बड़े खर्च में राहत मिल सकती है। बेवजह ज्यादा TDS कटने की समस्या भी कम होगी। नए नियम से रिटर्न सुधारने का ज्यादा टाइम मिलने से टैक्स को लेकर डर कम होगा। मतलब सैलरी वही है, लेकिन हाथ में बचने वाला पैसा थोड़ा ज्यादा हो जाएगा।
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