EPF पर 2024-25 की ब्याज दर जल्द तय होगी। कटौती की अफवाहों के बावजूद, दर के 8.25% पर स्थिर रहने की उम्मीद है। अंतिम फैसला CBT की बैठक में होगा, अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

नई दिल्लीः निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (PSU) में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए हर साल मार्च का पहला हफ्ता बहुत अहम होता है। इसकी वजह यह है कि इस दौरान पीएफ (प्रोविडेंट फंड) पर ब्याज दर तय की जाती है। 2024-25 के वित्तीय वर्ष के लिए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्य अपनी रिटायरमेंट बचत पर 8.25% ब्याज पा सकते हैं। यह किसी भी बैंक में रखी जमा राशि से भी ज़्यादा है। इस वजह से, यह कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने में मददगार है, और लाखों EPFO सदस्य ब्याज दरों में बढ़ोतरी का इंतज़ार कर रहे हैं।

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चौंकाने वाली खबर

लेकिन, अब इंटरनेट पर एक चौंकाने वाली खबर चल रही है। वो यह है कि इस बार ब्याज दर में भारी कमी आने वाली है। इसके बारे में जानने से पहले, यह समझना ज़रूरी है कि ब्याज दर कैसे तय की जाती है। मार्च के पहले हफ्ते में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक बुलाई जाती है। CBT, EPFO की सबसे बड़ी फैसला लेने वाली संस्था है, जो यह देखती है कि पैसे का मैनेजमेंट, निवेश और बंटवारा कैसे किया जाएगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) आने वाली सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की बैठक में ब्याज दर तय करता है। इसके बाद CBT दर की सिफारिश को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजता है, जो दर का मूल्यांकन करता है और सिफारिश को वैसे ही स्वीकार कर सकता है या मंजूरी से पहले बदलाव सुझा सकता है।

क्या ब्याज दर कम होगी?

पिछले दो सालों से यह दर 8.25% पर बनी हुई है। अब खबर चल रही है कि इसकी दर कम की जा रही है। लेकिन, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। लगातार तीसरे साल भी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सदस्यों को अपनी रिटायरमेंट बचत पर 8.25% ब्याज मिलने की उम्मीद है। अगर इस बार ब्याज दर कम की जाती, तो अब तक आधिकारिक जानकारी सामने आ जाती। इसलिए, सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं मानी जा रही है। जो भी हो, इसका फैसला 2 मार्च को होने वाली बैठक में होगा। तब तक इंतज़ार करना होगा।

कैलकुलेशन कैसे होता है?

EPFO ब्याज दर की गणना सदस्य के मासिक बैलेंस के आधार पर करता है, लेकिन इसे हर वित्तीय वर्ष के अंत में उनके खाते में जमा किया जाता है। फिलहाल, EPFO के पास कुल ₹25-26 लाख करोड़ हैं, जिसे इक्विटी और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस रकम का लगभग 41 प्रतिशत राज्य विकास ऋण (SDL), 16 प्रतिशत केंद्र सरकार की सिक्योरिटीज में, 15.9 प्रतिशत कॉर्पोरेट बॉन्ड में और 9.5 प्रतिशत एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश किया गया है। 2024 में, EPFO के निवेश पोर्टफोलियो पर 7.62 प्रतिशत का रिटर्न मिला, जबकि सदस्यों के लिए ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय की गई थी।