खाड़ी देश, जो लग्जरी ब्रांडों के लिए एक प्रमुख बाजार थे, अब भू-राजनीतिक तनाव से प्रभावित हैं। यात्रा प्रतिबंधों और रमज़ान की बिक्री में गिरावट ने पर्यटन पर निर्भर इस बाजार को संकट में डाल दिया है।

एक वक्त था जब चीन और यूरोप की अर्थव्यवस्था सुस्त थी, तब दुनिया के बड़े-बड़े लग्जरी ब्रांड्स के लिए खाड़ी देश ही उम्मीद की किरण थे। लेकिन अब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने इस ग्लोबल फैशन और लग्जरी मार्केट को भी मुश्किल में डाल दिया है। एयरपोर्ट बंद होने और सख्त ट्रैवल एडवाइजरी जारी होने से टूरिस्टों का आना कम हो गया है। हालांकि, दुबई मॉल, जहां गुच्ची (Gucci), अलाया (Alaïa) और ज़ेग्ना (Zegna) जैसे बड़े ब्रांड्स हैं, अब भी खुला है। खाड़ी में 950 से ज़्यादा लग्जरी स्टोर चलाने वाले बड़े रिटेलर 'चल्हूब ग्रुप' (Chalhoub Group) ने साफ किया है कि फिलहाल उनकी पहली प्राथमिकता अपने कर्मचारियों की सुरक्षा है। FashionSights के फाउंडर अकीम बर्ग (Achim Berg) बताते हैं कि जंग शुरू होने से पहले, मिडिल ईस्ट दुनिया के उन कुछ चुनिंदा इलाकों में से एक था, जहां लग्जरी मार्केट तेजी से बढ़ रहा था।

भरोसा खाड़ी देशों पर

सिटीग्रुप (Citigroup) के आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल लग्जरी मार्केट का 5 से 6 फीसदी हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। सुनने में यह आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन बड़े ब्रांड्स के लिए यह बहुत मायने रखता है। मशहूर कंपनी रिचमॉन्ट (Richemont) की 9% कमाई यहीं से होती है, जबकि स्वॉच ग्रुप (Swatch Group) के लिए यह आंकड़ा 10% है। खाड़ी देशों में लग्जरी घड़ियों और सोने की जूलरी की जबरदस्त डिमांड है। केरिंग ग्रुप (Kering Group) की भी 9% कमाई इसी इलाके से होती है। जब चीन, जापान और यूरोप में बिक्री धीमी पड़ गई थी, तब खाड़ी का बाजार ही रफ्तार पकड़ रहा था। अनुमान है कि यहां की लग्जरी बिक्री का एक-तिहाई हिस्सा टूरिस्टों से आता है।

रमज़ान की बिक्री पर पड़ा असर

आमतौर पर रमज़ान के महीने में खाड़ी देशों में जमकर खरीदारी होती है। जैसे भारत में दिवाली पर खरीदारी होती है, वैसे ही वहां ईद के मौके पर होती है। वीज़ा (Visa) की 2025 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईद से पहले के 10 दिनों में कपड़ों की बिक्री में 2.6 गुना की बढ़ोतरी होती है। लेकिन जंग ने इस त्योहारी सीजन का पूरा माहौल बिगाड़ दिया है। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने अपने नागरिकों के लिए खाड़ी देशों की यात्रा को लेकर चेतावनी जारी की है, जिससे टूरिज्म सेक्टर लगभग ठप हो गया है। UAE और बहरीन अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठा रहे हैं। UAE ने यह भी ऐलान किया है कि जो टूरिस्ट फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से देश में फंस गए हैं, उनसे तब तक ओवरस्टे का जुर्माना नहीं लिया जाएगा, जब तक वे देश नहीं छोड़ पाते।